दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शोक व्यक्त किया है। सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने शोक संदेश में कहा कि भारत की सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन से देश के संगीत क्षेत्र को अपार क्षति हुई है। कई दशकों तक उन्होंने अपनी साधना से फ़िल्मों के माध्यम से अजरामर गीतों द्वारा लोकरंजन के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनकी स्मृति में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। भारत की सांस्कृतिक विरासत तथा देशभक्तों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त होती रही। उनके इस अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा।
संघ से था जुड़ाव
पद्म विभूषण आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली। आशा भोसले का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से गहरा जुड़ाव रहा है। उनकी जीवनी स्वरस्वामिनी आशा का विमोचन सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने किया था। उन्हें 5 जून 2025 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नागपुर के रेशिमबाग स्थित मुख्यालय में कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह इसमें शामिल नहीं हो सकी थीं।
भारत की सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन से देश के संगीत क्षेत्र को अपार क्षति हुई है। कई दशकों तक उन्होंने अपनी साधना से फ़िल्मों के माध्यम से अजरामर गीतों द्वारा लोकरंजन के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनकी स्मृति में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित… pic.twitter.com/wlVJHzwCQD
— RSS (@RSSorg) April 12, 2026
8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र में जन्म
8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार में जन्मी आशा भोसले का जीवन आरंभ से ही सुरों से जुड़ा था। पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर से शास्त्रीय संगीत की प्रारंभिक शिक्षा मिली परंतु महज 9 वर्ष की आयु में पिता का निधन हो गया। परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था और बड़ी बहन लता मंगेशकर ने घर की जिम्मेदारी संभाली। ऐसे कठिन समय में आशा जी ने भी कम उम्र में ही संघर्ष को अपना साथी बना लिया।

















