खाड़ी युद्ध के बीच ईरान की मदद चीन कर रहा है, ताकि अमेरिका और इजरायल को मुश्किल में डाला जा सके। चीन के इस कदम से डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह से चिढ़े हुए हैं। इसी क्रम में ड्रैगन को धमकी दी है कि अगर वो इसी तरह से ईरान को हथियार भेजता रहा तो चीन को बड़ी मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी। यह बयान रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें कहा गया है कि चीन ईरान को हथियार सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है।
क्या कहा ट्रंप ने
ट्रंप ने यह बात रविवार सुबह कही, जब वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने ईरान के खिलाफ अपनी जीत वाले बयान को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह तोड़ दिया है। उनके अनुसार, ईरान के पास अब नौसेना नहीं बची, रडार नहीं है और एयर फोर्स भी नहीं रही। ईरान के कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं। ट्रंप ने कहा, “वे कई सालों से राज कर रहे थे, लेकिन अब वो चले गए। अब जो भी हो, देखते हैं। लेकिन मेरे नजरिए से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
उन्होंने ईरान की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका ने उन्हें सैन्य रूप से हरा दिया है। वे बोले, “हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को साफ कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि अब तेल और गैस के बड़े टैंकर लोड हो रहे हैं और जहाज अमेरिका की तरफ आ रहे हैं।
ईरान के साथ बातचीत का जिक्र
इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत का जिक्र किया। पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातें हो रही हैं। अमेरिकी टीम की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ स्पेशल एन्कॉय स्टिव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर भी थे। ईरानी पक्ष की लीडरशिप में संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची हैं।
ट्रंप ने बताया कि दोनों पक्ष कई घंटों से मीटिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “देखते हैं क्या होता है। हो सकता है डील हो जाए या न हो। लेकिन अमेरिका के नजरिए से हम जीत चुके हैं। डील हो या न हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमने उन्हें हरा दिया है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरानी एसेट्स छोड़ेगा, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “देखते हैं क्या होता है। हम ईरान के साथ गहरी बातचीत में हैं। हम जीत रहे हैं चाहे कुछ भी हो।

















