इस सप्ताह सोने की कीमतों में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली और इसमें 1.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब सोना बढ़त के साथ बंद हुआ है, जिससे कीमती धातुओं में निवेश करने वाले लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने इस तेजी को प्रमुख समर्थन दिया है।
सोने में बढ़त- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी भी सोने की कीमतों को ऊपर ले जाने में एक महत्वपूर्ण कारण रही। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सीजफायर वार्ता ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ाई, जिससे निवेशक जोखिम भरे विकल्पों की बजाय सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित हुए। घरेलू वायदा बाजार MCX पर शुक्रवार को सोने के जून वायदा अनुबंध में हल्की तेजी दर्ज की गई और यह 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं चांदी के मई वायदा अनुबंध में भी 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सोना लगभग 1,52,690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी की कीमत 2,43,300 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार को 1,50,327 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जो सप्ताह की शुरुआत में 1,47,891 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसी तरह, 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 2,39,934 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि पिछले सोमवार यह 2,31,028 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वैश्विक बाजार में भी सोने ने मजबूती दिखाई। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना इस सप्ताह लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,787.40 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ। विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा स्तर पर 5,000 डॉलर के आसपास सोने को मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। यदि यह स्तर पार होता है, तो आने वाले समय में सोने में और तेज तेजी देखने की संभावना भी जताई जा रही है।














