हाल ही में गिरफ्तार किए गए लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन ने सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में कई सारे खुलासे किए हैं। एजेंसियों को पता चला है कि शब्बीर ने माना कि उसने दिल्ली की कुछ मशहूर जगहों की रेकी की थी। इनमें कालकाजी मंदिर, लोटस टेम्पल, छतरपुर मंदिर और कनॉट प्लेस के भीड़भाड़ वाले बाजार इलाके शामिल थे। उसने इन जगहों के वीडियो अपने पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजे थे। इसका मकसद इन व्यस्त मंदिरों और सार्वजनिक जगहों पर बड़े हमले की योजना बनाना था।
सज्जाद गुल और शब्बीर की कहानी
रिपोर्ट्स के अनुसार, शब्बीर की कहानी पुरानी है। साल 2015 में उसे कश्मीर में सज्जाद गुल के साथ गिरफ्तार किया गया था। सज्जाद गुल अब पाकिस्तान में द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का लॉन्चिंग कमांडर है और वह पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से भारत विरोधी गतिविधियां चलाता है। जेल से छूटने के बाद सज्जाद पाकिस्तान चला गया, जबकि शब्बीर को बांग्लादेश भेज दिया गया। वहां वह लंबे समय तक अंडरग्राउंड रहा।
हाल के सालों में शब्बीर फिर सक्रिय हुआ। बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद उसने अपना मॉड्यूल और बढ़ाया। अब यह मॉड्यूल दिल्ली, दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल तक फैल गया है। सुरक्षा एजेंसियों को पता चला कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा मिलकर बांग्लादेश में एक नया आतंकी संगठन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह संगठन टीआरएफ जैसा ही होगा। इसके लिए वहां के युवाओं को भर्ती किया जा रहा है।
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एनआईए ने सज्जाद गुल पर रखा है लाखों का इनाम
शब्बीर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने सज्जाद गुल पर लाखों रुपये का इनाम रखा हुआ है। शब्बीर ने पूछताछ में इन रेकी और मॉड्यूल बनाने की बातें कबूल कीं। इस मामले में दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां आगे की जांच कर रही हैं। शब्बीर की गिरफ्तारी से पता चलता है कि पड़ोसी देशों से जुड़े नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं और वे भारत में संवेदनशील जगहों को निशाना बनाने की कोशिश करते रहते हैं।












