ईरान युद्ध की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके चलते भारत सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए घरेलू स्तर पर केरोसिन की उपलब्धता बढ़ाने के नियमों में बड़ी ढील दी है। रविवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की, जिसमें पेट्रोलियम नियम 2002 के तहत लाइसेंसिंग और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों में छूट दी गई है।
इस फैसले का मकसद है कि एलपीजी की कमी के बीच लोगों को खाना पकाने और घर में रोशनी के लिए केरोसिन आसानी से मिल सके। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज की खाड़ी बंद होने जैसी स्थितियों से वैश्विक स्तर पर ईंधन और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है। भारत में भी एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ रहा है, इसलिए सरकार ने केरोसिन को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर चुना है।
नियमों में दी गई ढील
सरकार ने पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में अस्थायी छूट दी है। इससे डीलरों और वाहनों को केरोसिन के स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन में तेजी लाने की छूट मिल गई है। पब्लिक सेक्टर की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अब चुने हुए पेट्रोल पंपों पर केरोसिन रख और बेच सकेंगी।
हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसके लिए नामित किया जाएगा। प्रत्येक नामित पंप पर 5000 लीटर तक केरोसिन स्टोर किया जा सकेगा। यह व्यवस्था सिर्फ घरेलू उपयोग के लिए है। इसे पीडीएस एसकेओ (सुपीरियर केरोसिन ऑयल) के तहत अस्थायी रूप से लागू किया जा रहा है।
किन राज्यों में लागू
यह छूट उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दी गई है जहां पहले पीडीएस के जरिए केरोसिन का वितरण बंद कर दिया गया था। इनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात जैसे राज्य शामिल हैं। इन जगहों पर अब फिर से केरोसिन घरों तक पहुंचाने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं और क्रूड ऑयल का स्टॉक पर्याप्त है। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरे देश में सामान्य बनी हुई है। पेट्रोल पंपों पर भी कोई कमी नहीं है। कुछ राज्यों में अफवाहों की वजह से लोग घबराकर ज्यादा खरीदारी कर रहे थे, जिससे भीड़ बढ़ गई, लेकिन स्टॉक पर्याप्त है।
मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी न करें। केरोसिन का इस्तेमाल सिर्फ घरेलू जरूरतों के लिए ही होना चाहिए और किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोका जाएगा। सरकार इस कदम से उन परिवारों को राहत पहुंचाना चाहती है जो एलपीजी संकट के कारण परेशान हैं। केरोसिन अब चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर मिल सकेगा, जिससे सप्लाई चेन तेज होगी और आम लोगों को फायदा होगा। यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर ली गई है।











