खाड़ी युद्ध के बीच ईरान पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके दुनिया की सांस को रोक रखा है। लेकिन अब उसने युद्ध का एक और फ्रंट खोल दिया है। इसके तहत ईरान ने लाल सागर को अरब सागर से जोड़ने वाले बॉब अल मंदेब जलडमरूमध्य को भी बंद करने की तरफ कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए उसने यमन में अपने प्रॉक्सी हूती को एक्टिवेट कर दिया है।
हूती ने इसकी शुरुआत करते हुए शनिवार को ही इजरायल के सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हूतियों ने कहा है कि वे तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे जब तक सभी मोर्चों पर आक्रामकता नहीं रुक जाती।
इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, हूती बलों ने “संवेदनशील इजराइली सैन्य स्थलों” को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि यमन से आई एक मिसाइल को उन्होंने रोक लिया। इस हमले में किसी हताहत या नुकसान की खास जानकारी नहीं आई। हूती प्रवक्ता ने इसे ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीनी इलाकों पर हो रहे हमलों का जवाब बताया। उल्लेखनीय है कि जब से इजरायल औऱ अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है, तब से अब तक हूती पूरी तरह से शांत थे। उन्होंने केवल आलोचना की थी। लेकिन अब एक नया फ्रंट खुल गया है।
क्या होगा इसका असर
हूतियों के एक्टिव होने के बाद अब बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य खतरे में पड़ता दिख रहा है। गौरतलब है कि यह यह लाल सागर और अफ्रीका के केप ऑफ हॉर्न के बीच महत्वपूर्ण रास्ता है। अहम बात ये है कि यहां से करीब 10-12 फीसदी तेल की सप्लाई होती है। लेकिन अब इस पर भी खतरा मंडरा रहा है। दोनों जगहों पर दिक्कत से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
सऊदी अरब अब तेल निर्यात रेड सी पाइपलाइन से कर रहा है। अगर यहां भी खतरा बढ़ा तो सऊदी सीधे शामिल हो सकता है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान ने 20 और पाकिस्तानी जहाजों को हार्मुज से गुजरने की इजाजत दी है। पाकिस्तान सोमवार को सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की बैठक बुला रहा है ताकि इलाके में शांति का रास्ता निकाला जा सके।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि पिछले महीने 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने एक साथ ईरान पर हमला कर दिया। बदले में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर तेल सप्लाई को रोक दिया। अब इस युद्ध को और अधिक फैलाते हुए उसने बॉब अल मंदेब में भी हूती को एक्टिव कर दिया है।

















