नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के कई नियम अप्रैल से बदल रहे हैं। रेलवे को और अधिक पारदर्शी और यात्रियों की सुविधा के लिए इन नियमों में बदलाव किया जा रहा है। जिन नियमों में बदलाव हो रहा है वो रेलवे टिकटिंग सिस्टम और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े हुए हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को इन बड़े सुधारों की घोषणा की थी। आइए जानते हैं क्या हैं ये सुधार और नियम जो बदल रहे हैं?
नये नियम 1 अप्रैल और 15 अप्रैल से होंगे लागू
रेलवे के नय नियम और बदलाव 1 अप्रैल और 15 अप्रैल से लागू होंगे। अभी तक रेलवे में यात्रा से चार घंटे पहले टिकट कैंसल करने पर रिफंड मिलता था लेकिन अब यह आठ घंटे कर दिया गया है। अब ट्रेन छूटने से आठ घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर ही रिफंड मिलेगा। काउंटर से बुक कंफर्म टिकट देश के किसी भी पीआरएस सेंटर से कैंसल हो जाएगा। नए नियमों के मुताबिक, रिफंड की अलग-अलग दरें और जुर्माने तय किए गए हैं।
अगर आपने ट्रेन छूटने से आठ घंटे से पहले टिकट कैंसल कराया है तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा। हालांकि इस नियम का असर यात्रियों के जेब पर जरूर पड़ेगा। क्योंकि अभी तक चार घंटे की समयसीमा था और यात्रियों को इस अवधि में ट्रेन टिकट कैंसल कराने पर पैसा रिफंड मिल जाता था। लेकिन अब यह नियम और अधिक सख्त कर दिया गया है।

30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, अगर 72 घंटे से पहले टिकट कैंसिल करेंगे तो सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा, सिर्फ न्यूनतम चार्ज ही कटेगा। लेकिन अगर 72 से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराए का करीब 25 फीसदी तक पैसा कट जाएगा। इसके साथ ही तय न्यूनतम शुल्क भी लागू होगा। 24 से 8 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल करने पर कटौती का पैसा बढ़कर 50 फीसदी तक हो जाएगा। 8 घंटे से कम समय बचा हो या ट्रेन छूट जाए तो रिफंड नहीं मिलेगा।
ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। आधे घंटे पहले क्लास भी अपग्रेड होगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए 3 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी बंद कराई गई हैं।











