तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने स्पष्ट कहा है कि देश के खिलाफ दी जा रही धमकियों का जवाब मैदान में दिया जाएगा। पजशकियान ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका की चेतावनियां और हमले ईरान को कमजोर नहीं बल्कि और अधिक एकजुट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इन बेतुकी धमकियों का डटकर सामना करेंगे।
ईरानी राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी साफ किया कि यह मार्ग सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि यदि देश के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। आईआरजीसी ने कहा कि यह जलमार्ग तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक क्षतिग्रस्त परमाणु सुविधाओं का पुनर्निर्माण पूरा नहीं हो जाता। ईरान ने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में इजराइल के पावर प्लांट्स, ऊर्जा ढांचे और संचार प्रणाली को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जाएगा। साथ ही, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी हिस्सेदारी वाले ठिकानों और कंपनियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है।

इससे पहले ईरान ने इजराइल पर रविवार सुबह चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। शनिवार रात को भी ईरान ने इजराइल के डिमोना और अराद शहरों को निशाना बनाया था। डिमोना में इजराइल का प्रमुख परमाणु संयंत्र स्थित है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं।यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा था कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से की जाएगी।

















