देश में अभी LPG की सप्लाई को लेकर थोड़ा संकट चल रहा है, खासकर कमर्शियल इस्तेमाल वाली गैस के लिए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अब बड़ा कदम उठाते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 23 मार्च से 20 प्रतिशत ज्यादा कमर्शियल LPG देने का फैसला किया है। इससे कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर का 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
दरअसल, इस संकट का कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया। इसमें ईरान के कई सैन्य ठिकाने, मिसाइल साइटें और परमाणु सुविधाएं निशाना बनीं। सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई बड़े लोग मारे गए। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बहुत बढ़ गया। भारत का 80-85 प्रतिशत LPG इसी रास्ते से आता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और कुल जरूरत का 60 प्रतिशत से ज्यादा बाहर से मंगवाता है। आयात रुकने-ठप होने से कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बहुत कम हो गई थी।
सरकार ने क्या निर्देश दिए
पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। इसमें साफ कहा गया है कि 23 मार्च से यह 20 प्रतिशत अतिरिक्त सप्लाई शुरू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। यह गैस सबसे पहले उन जगहों पर जाएगी जहां सबसे ज्यादा जरूरत है। जैसे रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, डेयरी सेक्टर और सामुदायिक रसोई। राज्य सरकारों या लोकल बॉडीज की सस्ती कैंटीन को भी प्राथमिकता मिलेगी। मकसद यह है कि फूड इंडस्ट्री ज्यादा प्रभावित न हो और आम लोगों को खाना बनाने में दिक्कत न आए।
प्रवासी मजदूरों के लिए खास व्यवस्था
सरकार ने प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखकर कहा है कि उन्हें 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। इससे बाहर काम करने वाले लोग भी प्रभावित न हों। साथ ही राज्यों से कहा गया है कि कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं, क्योंकि कुछ जगहों पर ब्लैक में सिलेंडर 4000 रुपए तक महंगे बिक रहे हैं।
राहत की उम्मीद
संकट शुरू होने पर कमर्शियल गैस की सप्लाई बहुत घट गई थी। कई होटल-ढाबों में लकड़ी या कोयले पर खाना बनाना पड़ रहा था। जैसे बेंगलुरु के एक होटल में इडली चूल्हे पर बनाई गई। घरेलू सिलेंडर बचाने के लिए पहले कमर्शियल पर कटौती की गई थी। अब यह 20 प्रतिशत बढ़ोतरी से फूड प्रोसेसिंग, डेयरी और कैंटीन जैसे सेक्टरों को अच्छी राहत मिलेगी। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है ताकि सप्लाई को जल्दी सामान्य स्तर तक लाया जा सके। घरेलू गैस की सप्लाई पर अभी भी पूरा फोकस है।

















