देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ता सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। हाल के दिनों में कट्टरपंथी मुस्लिमों ने यहां कई हिंदुओं को निशाना बनाया। दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन 26 वर्षीय हिंदू युवक तरुण खटीक की मुस्लिमों की भीड़ ने बेहरमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिसको लेकर अभी भी पूरे देश में आक्रोश है। जिहादी मानसिकता वाले कट्टरपंथी मुस्लिमों को रमजान माह का भी डर नहीं रहा।
65 साल के मुस्लिम ने 9 साल की हिंदू बच्ची का बलात्कार किया
द्वारका इलाके में गोयला डेयरी के पास एक हलाल मीट शॉप के अंदर 65 वर्षीय मुस्लिम ने नाबालिग (9 साल) हिंदू बच्ची का बलात्कार किया। बच्ची आरोपी कसाई को अंकल कहकर बुलाती थी। वह मासूम को बहला-फुसलाकर अपनी हलाल मीट की दुकान के अंदर ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। यह घटना सोमवार (16 मार्च 2026) की है। बच्ची ने जब घर जाकर अपनी मां को इस बारे में बताया, तब इस घटना का पता चला। नाबालिग के अनुसार आरोपित पहले भी तीन-चार बार उसके साथ गलत काम कर चुका है। वह बच्ची और उसकी मां को जान से मारने की धमकी देता था, जिसकी वजह से चुप रहती थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
सिगरेट के पैसे न देने पर सादिक ने सूरज की हत्या की
पुल प्रह्लादपुर में होली (4-5 मार्च, 2026) के दिन सिगरेट के पैसे न देने पर सादिक नाम के शख्स ने 24 वर्षीय सूरज की पीट-पीटकर हत्या कर दी। भीड़ ने नशे में धुत हमलावर सादिक को मौके पर पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज कर सादिक को जेल भेज दिया, लेकिन मृतक के पिता विजय कुमार इस कार्रवाई असंतुष्ट हैं। उन्होंने सादिक के अन्य साथियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।
तरुण कुमार खटीक हत्याकांड
दिल्ली के उत्तम नगर निवासी तरुण कुमार खटीक की हत्या को लेकर देश भर में आक्रोश है। तरुण कुमार की हत्या के विरोध में और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए हिंदू संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में अखिल भारतीय खटीक समाज ने बुधवार (18 मार्च) को जिला मुख्यालय पर मौन जुलूस निकालकर आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की।
यह विवाद होली (4-5 मार्च, 2026) के दिन एक छह साल की बच्ची द्वारा पानी से भरा गुब्बारा फेंकने को लेकर हुआ था। जिस महिला पर गुब्बारे के पानी की छींटे पड़ी वह मुस्लिम समुदाय से थी। बच्ची के परिवार वालों के माफी मांगने के बाद भी कट्टरपंथी मुस्लिमों ने उनके घर में घुसकर सभी लोगों से मारपीट की। इसके बाद रात को होली मनाकर बाइक से घर लौट रहे तरुण को 15 से 20 मुस्लिमों ने बैट, धारदार हथियारों से पीटना शुरू कर दिया।
उन्होंने उसे संभलने का भी मौका नहीं दिया और उसके सीने पर पत्थर की सिली रख दी फिर लाठी-डंडों से मार-मारकर उसकी जान ले ली। तरुण कुमार डिजिटल मार्केटिंग का छात्र था। उसकी हत्या करने के आरोप में मुजफ्फर (25), मुश्ताक (46), उमरदीन (49), जुम्मादीन (36), कमरुद्दीन (36), ताहिर (18), इमरान (उर्फ बंटी) को गिरफ्तार किया गया था। हत्यारोपियों में तीन मुस्लिम महिलाएं सायरा (40), शरीफन (50), सलमा (36) भी शामिल थीं। इनके अलावा इस मामले में समीर (20), फिरोज (22), इस्माइल (50) दो नाबालिग (उम्र 14, 17 वर्ष, इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए) भी आरोपित हैं।
अंकित सक्सेना हत्याकांड
दिल्ली के चर्चित अंकित सक्सेना हत्याकांड में तीस हजारी कोर्ट ने 7 मार्च 2024 को तीन दोषियों अकबर अली, शहनाज बेगम और मोहम्मद सलीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 23 वर्षीय पेशेवर फोटोग्राफर अंकित सक्सेना की हत्या 1 फरवरी, 2018 को हुई थी। वह शहजादी नाम की एक मुस्लिम महिला के साथ तीन साल से रिश्ते में थे। महिला के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया, क्योंकि वे अलग-अलग धर्म से थे। पश्चिमी दिल्ली में ख्याला इलाके के रघुबीर नगर में रहने वाली उनकी प्रेमिका के परिवार ने अंकित सक्सेना की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी गई थी। हत्या करने वालों में अकबर अली (प्रेमिका का पिता), शहनाज बेगम (प्रेमिका की मां), मोहम्मद सलीम (मामा) और प्रेमिका का एक नाबालिग भाई भी शामिल था।
रिंकू शर्मा केस
दिल्ली के मंगोलपुरी में 10 फरवरी, 2021 को एक झगड़े के बाद रिंकू शर्मा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, पड़ोस में एक बर्थडे पार्टी के दौरान रिंकू शर्मा और आरोपी के बीच कहासुनी हो गई थी। इसके बाद मुस्लिम भीड़ रिंकू शर्मा के घर गई और उस पर हमला कर दिया। हालांकि पुलिस ने शुरू में इस घटना का कारण व्यापारिक रंजिश और पार्टी में हुई हाथापाई को बताया था, लेकिन इस घटना ने सांप्रदायिक एंगल और पीड़ित के राजनीतिक जुड़ाव के कारण भी काफी ध्यान खींचा। पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद दानिश (36), मोहम्मद इस्लाम (45), जाहिद (26), मोहम्मद महताब (20) और तसुद्दीन (पांचवां आरोपी) को गिरफ्तार किया था। मृतक रिंकू शर्मा के घर वालों का आरोप था कि जय श्रीराम का नारा लगाने के चलते उसकी हत्या की गई। 25 वर्षीय रिंकू शर्मा टेक्नीशियन और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता थे।
IB अधिकारी अंकित शर्मा को मुस्लिमों की भीड़ ने बनाया निशाना
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में फरवरी 2020 में सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हत्या कर दी थी। इन सांप्रदायिक दंगों में 200 से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट और अदालत की टिप्पणियों के अनुसार, उन्हें ताहिर हुसैन के नेतृत्व वाली भीड़ ने जान-बूझकर निशाना बनाया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला था कि उन पर धारदार हथियारों से 51 बार वार किए गए थे।
अदालत ने आरोप तय करते हुए कहा था कि यह हत्या सांप्रदायिक हिंसा के दौरान लोगों को निशाना बनाने की एक गहरी साजिश का हिस्सा थी। अदालत ने यह भी कहा था कि 26 वर्षीय अंकित शर्मा पर तब हमला किया गया, जब वे भीड़ को शांत करने की कोशिश में आगे बढ़े थे। आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को इस घटना के बाद पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था। हसीन उर्फ सलमान पर आरोप था कि उसने चाकू से अंकित शर्मा पर हमला किया था। मुंतजिम उर्फ मूसा हत्या को अंजाम देकर फरार हो गया था। हालांकि उसे दो साल बाद यानी 2022 में गिरफ्तार किया गया था। चार्जशीट में नामजद अन्य लोगों में नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम और शोएब आलम शामिल थे।
राहुल राजपूत हत्याकांड
दिल्ली के आदर्श नगर में अक्टूबर 2020 में 18 वर्षीय राहुल राजपूत की कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हत्या कर दी थी। राहुल की जिस जगह हत्या हुई, वह आदर्शनगर पुलिस चौकी से महज 50 मीटर की दूरी पर थी। लड़की के परिवार वालों को राहुल के साथ उसकी दोस्ती मंजूर नहीं थी। जांच में पाया गया है कि राहुल को धोखे से ट्यूशन सेंटर बुलाया गया था। जब वह वहां पहुंचा, तो पांच से सात लोगों के एक समूह ने उसे बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है कि उसकी मौत गंभीर शारीरिक हमले और अंदरूनी चोटों के कारण हुई थी।
मुख्य आरोपी लड़की का भाई मोहम्मद राज था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 2026 में जघन्य अपराध का हवाला देते हुए मोहम्मद राज की जमानत याचिका खारिज दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 21 साल की मुस्लिम लड़की राहुल के साथ रिश्ते में थी। लड़की के घरवालों को राहुल पसंद नहीं था। इसलिए उन्होंने उसे धोखे से बाहर बुलाकर पीट-पीटकर मार डाला। इस मामले में मनवर हुसैन (20 वर्ष, एक रिश्तेदार), शुभम भारद्वाज (18 वर्ष) को बाद में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, हमले में तीन नाबालिगों (साथियों/रिश्तेदारों) को भी पकड़ा गया था।

















