पवन खेड़ा और कांग्रेस का 'हिंदू-विरोधी' नैरेटिव: तुष्टीकरण की राजनीति या वैचारिक नफरत?
September 18, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

पवन खेड़ा और कांग्रेस का ‘हिंदू-विरोधी’ नैरेटिव: तुष्टीकरण की राजनीति या वैचारिक नफरत?

पवन खेड़ा ने हाल ही में कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में ऐसा माहौल बनाया गया है जिसमें हनुमान जयंती पर मस्जिद के बाहर से निकलना पड़ता है, और डीजे बजाकर लोगों को सताया जाता है। वे इसे साम्प्रदायिक सद्भाव का उल्टा बताते हैं।

Written byआशीष कुमार 'अंशु'आशीष कुमार 'अंशु' — edited by Mahak Singh
Mar 19, 2026, 03:24 pm IST
inभारत
पवन खेड़ा, कांग्रेस नेता

पवन खेड़ा, कांग्रेस नेता

पवन खेड़ा, कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता, इन दिनों सोशल मीडिया और मीडिया पर सबसे सक्रिय चेहरों में से एक हैं। वे राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं और पार्टी की ओर से लगातार बयान देते रहते हैं। लेकिन उनका तरीका और भाषा देखकर लगता है कि वे एक संतुलित प्रवक्ता कम और कांग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले प्रचार मंत्री अधिक हैं। हाल ही में हनुमान जयंती और रामनवमी जैसे हिंदू त्योहारों पर उनकी टिप्पणियां विवादास्पद रही हैं, जहां उन्होंने हिंदुओं को ही हिंसा और उकसावे के लिए जिम्मेदार ठहराया। यह न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला भी है। कांग्रेस का यह स्टैंड हिंदुओं के प्रति गहरी नफरत और मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति को उजागर करता है। यदि ऐसी सोच वाली पार्टी सत्ता में आई, तो हिंदुओं की स्थिति क्या होगी? यह सवाल गंभीर है और विचारणीय भी।

हनुमान जयंती पर उकसावे का नैरेटिव

पवन खेड़ा ने हाल ही में कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में ऐसा माहौल बनाया गया है जिसमें हनुमान जयंती पर मस्जिद के बाहर से निकलना पड़ता है, और डीजे बजाकर लोगों को सताया जाता है। वे इसे साम्प्रदायिक सद्भाव का उल्टा बताते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि धार्मिक जुलूस सदियों से निकलते आए हैं और संविधान के तहत यह मौलिक अधिकार है। यदि कोई जुलूस मस्जिद या चर्च के पास से गुजरता है, तो यह उकसावा नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व का प्रतीक है।

पवन खेड़ा यह क्यों नहीं बताते कि कई मामलों में जुलूसों पर पथराव हुआ है, या विरोध हुआ है? वे हिंदुओं को ही दोषी ठहराते हैं, जबकि विपरीत परिस्थितियों में मुस्लिम तुष्टीकरण को बढ़ावा देते हैं। उदाहरणस्वरूप, गंगा में मांसाहारी भोजन फेंकने या इफ्तार के नाम पर ऐसे कृत्यों को वे प्रमोट करते नजर आते हैं, लेकिन हिंदुओं के त्योहारों पर सवाल उठाते हैं। यह दोहरा मापदंड हिंदू-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। क्या यह माना जाए कि कांग्रेस सत्ता में आई, तो ऐसे नैरेटिव से हिंदू त्योहारों पर प्रतिबंध या सीमाएं लग सकती हैं, जिससे सांस्कृतिक पहचान खतरे में पड़ जाएगी?

लव जिहाद को नकारना: कांग्रेस का खतरनाक स्टैंड

कांग्रेस पार्टी आज तक लव जिहाद की अवधारणा को स्वीकार नहीं करती। सैकड़ों मामले सामने आए हैं जहां हिंदू लड़कियों को प्रेम के नाम पर फंसाया गया, कन्वर्जन कराया गया, और कई मामलों में हिंसा हुई। लेकिन पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत जैसे नेता इसे साम्प्रदायिक सद्भाव की श्रेणी में रखते हैं। वे कहते हैं कि ऐसा कोई संगठित षड्यंत्र नहीं है।

यह अस्वीकारोक्ति हिंदू समाज के लिए खतरा है। यदि पार्टी सत्ता में आई, तो लव जिहाद जैसे मामलों पर कानून बनाना मुश्किल होगा, और पीड़ितों को न्याय मिलना और कठिन हो जाएगा। कांग्रेस का यह स्टैंड मुस्लिम तुष्टीकरण का स्पष्ट प्रमाण है, जहां हिंदुओं की सुरक्षा और सम्मान को नजरअंदाज किया जाता है।

कांग्रेस नेताओं के विवादास्पद बयान

  • पवन खेड़ा बीजेपी पर हेट स्पीच का आरोप लगाते हैं, लेकिन कांग्रेस के अंदर ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं जहां हिंदुओं या महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।
  • रणदीप सुरजेवाला ने हेमा मालिनी के बारे में अशोभनीय और सेक्सिस्ट टिप्पणी की, जिस पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया।
  • अजय राय (वाराणसी) ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए, और RSS को ‘विधवाओं की सेना’ कहा।
  • अलका लांबा ने बंगाल में हिंदुओं के कथित कत्लेआम और पलायन को कांग्रेस का मुद्दा न मानकर महंगाई पर फोकस करने की बात कही।

ये उदाहरण दिखाते हैं कि कांग्रेस हेट स्पीच के खिलाफ बोलती है, लेकिन खुद के नेताओं के मामले में चुप रहती है। पवन खेड़ा दिल्ली में तरुण कुमार हत्या को ‘दो लोगों के बीच मामूली झगड़ा’ बताते हैं, जो हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाता है। वे 2020 के दंगों की बात करते हैं, जबकि पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक ये दंगे सुनियोजित साजिश थे।

यह इम्तिहान की घड़ी है – क्या हम अपने धर्म को, अपनी सभ्यता को, अपनी विरासत को, अपने देश को इन गुंडों के हाथों में सौंप देंगे? pic.twitter.com/bXRPyB4Gzk

— Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) March 17, 2026

असम में तुष्टीकरण: बड़े नेताओं का पलायन

असम में कांग्रेस के बड़े नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़ दी, क्योंकि पार्टी में मुस्लिम तुष्टीकरण और हिंदू नेताओं की उपेक्षा हो रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोराह ने भी इस्तीफा दिया और आरोप लगाया कि पार्टी अब ‘मिया-मुस्लिम’ नियंत्रित हो गई है। कांग्रेस ने तुष्टीकरण के कारण दर्जनों हिंदू नेताओं को खो दिया।

यह स्पष्ट है कि कांग्रेस हिंदुओं को जाति में बांटकर कमजोर करना चाहती है, जबकि मुसलमानों को एकजुट रखकर वोट बैंक बनाना चाहती है। हिंदू एक हो गए तो कांग्रेस की सियासत ‘नंगी’ हो जाती है, जैसा 2014, 2019 और 2024 में हुआ। सत्ता में आने पर यह नीति देशव्यापी हो सकती है, जहां हिंदू समाज विभाजित और कमजोर रहेगा।

ईरान-बांग्लादेश पर हिपोक्रिसी

कांग्रेसी ईरान के मुद्दे पर बोलते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर खामोश रहते हैं। वे कहते हैं कि यह ‘दूसरे मुल्क की बात’ है। यह चुनिंदा हिपोक्रिसी हिंदू-विरोधी एजेंडे को मजबूत करती है।

यदि कांग्रेस सत्ता में आई तो हिंदुओं का हाल

पवन खेड़ा जैसे नेता राहुल गांधी के खास हैं, और उनकी भाषा पार्टी की सोच दर्शाती है। हिंदुओं को दोषी ठहराना, त्योहारों पर सवाल उठाना, लव जिहाद को नकारना, हेट स्पीच पर दोहरा मापदंड, और तुष्टीकरण-ये सब कांग्रेस का स्टैंड हैं।

गंगा में इफ्तार को मुस्लिमों ने ही गलत बताया, लेकिन कांग्रेस इस अपराध के पक्ष में खड़ी है। उसे हिंदुओं की शोभा यात्राओं पर पथराव नहीं दिखते, उल्टा ही वह हिंदुओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। जो गलत है उसे झूठे रंग में रंगकर सही बनाने की कोशिश करती कांग्रेस दिख रही है। लेकिन कांग्रेस की हकीकत हिंदू समाज को पता चल चुकी है, इसलिए राजनीतिक राह उसकी समाप्त हो चुकी है।

Topics: Love Jihad debatePawan Khera statementcontroversial statements by Congress leadersHindu security issuesPawan Khera controversyCongress party appeasementHindu festival controversyHanuman Jayanti statementRam Navami controversyCongress anti-Hinduism
आशीष कुमार 'अंशु'
आशीष कुमार 'अंशु'
आशीष कुमार अंशु पत्रकार, लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता हैं। आम आदमी के सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों तथा भारत के दूरदराज में बसे नागरिकों की समस्याओं पर अंशु ने लम्बे समय तक लेखन व पत्रकारिता की है। अंशु मीडिया स्कैन ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और दस वर्षों तक मानवीय विकास से जुड़े विषयों की पत्रिका सोपान STEP से जुड़े रहे हैं। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

आरफा खानम और निवेदिता मेनन! लव जिहाद के बहाने हिंदू महिलाओं को नीचा दिखाने का षड्यन्त्र

Load More

ताज़ा समाचार

कल का मौसम: 19 सितंबर को 14 राज्यों में ‘मूसलाधार बारिश’, पहाड़ों में लैंडस्लाइड का अलर्ट; IMD का बड़ा अपडेट

कोलकाता पुलिस STF को मिली बड़ी सफलता : 2.20 करोड़ का इनामी नक्सली असीम मंडल ‘आकाश’ गिरफ्तार

Dr Mohan Bhagwat Ujjain Yuva Dharma Sansad 2026 Geeta Bhawan Panchjanya

धर्म वृद्धावस्था की चीज नहीं, युवावस्था से ही जीवन को दिशा देता है: उज्जैन में बोले सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी

दो दिन दिल्ली में दुनिया

Punjab Police ASI Murder Amritsar

पंजाब में एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या: TTH ने ली जिम्मेदारी, बीते महीनों में तीसरी घटना!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गणेश जोशी नेपाल आपदा राहत सहायता दल को हरी झंडी दिखाते हुए

उत्तराखंड: धामी ने नेपाल आपदा राहत सहायता दल को दिखाई हरी झंडी, 8 सदस्यीय दल रवाना

mukhyamantri yuva vidyarthi manthan 140 students tab dbt

उत्तराखंड: युवाओं के विचार विकसित उत्तराखंड के निर्माण में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका – सीएम धामी

CCTNS में उत्तराखंड की रैंकिंग में सुधार, राष्ट्रीय स्तर पर 9वें स्थान पर पहुंचा राज्य

Radha Ashtami

Radha Ashtami: बरसाना में राधा अष्टमी पर उमड़ेंगे 25 लाख श्रद्धालु, योगी सरकार की भव्य तैयारियां, जानें व्यवस्थाएं!

यूपीआई : डिजिटल भुगतान पर पूरा ज्ञान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies