उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा में मांसाहारी बिरयानी की दावत की गई और हड्डियों को नदी में फेंका गया। पुलिस ने 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया। इस मामले में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मुस्लिम युवकों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि आखिर नाव पर इफ्तार करने में क्या दिक्कत है।
अखिलेश यादव लखनऊ में एक इफ्तार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसी कार्रवाई से सरकार को खुश करना चाहता है। त्योहार कहीं भी मनाया जा सकता है, फिर नाव पर इफ्तार करने पर रोक क्यों ?
बता दें कि धर्मनगरी काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना पंचगंगा घाट के समीप की बताई जा रही है, जहां सोमवार शाम कुछ युवक नाव पर इफ्तार पार्टी करते नजर आए। आरोप है कि इस पार्टी में मांसाहारी भोजन (बिरयानी) परोसा गया और खाने के बाद हड्डियां गंगा नदी में फेंकी गईं। वायरल वीडियो में युवकों को पार्टी करते स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने का दावा किया है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इसे आस्था का अपमान बताते हुए कहा, “मां गंगा के आचमन और दर्शन-पूजन के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं। पवित्र नदी में इस तरह का कृत्य हिंदू धर्म की आस्था पर गहरी चोट है।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (काशी जोन) गौरव बंसवाल ने बताया कि वीडियो की तत्काल जांच कर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।












