तेलंगाना में हिंदू धर्म और ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले विधायक मंडुला सैमुअल की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। तेलंगाना भाजपा ने तुंगातुर्थी विधायक मंडुला सैमुअल के बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज करवाई है।
आरोप है कि विधायक ने हिंदू धर्म, वेदों और ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक टिप्पणी की है। इससे इलाके की शांति व्यवस्था को भंग हो सकती है। मंगलवार को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कल्याण नायक ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक आधिकारिक शिकायत दी है।
धार्मिक मान्यताओं का अपमान
डॉ. नायक के अनुसार, यह विवादित टिप्पणी 12 मार्च को आयोजित एक बैठक के दौरान की गई थी। उनका कहना है कि एक जनता के प्रतिनिधि द्वारा इस तरह की ‘गैर-जिम्मेदाराना और अस्वीकार्य’ बातें करना न केवल धार्मिक मान्यताओं का अपमान है, बल्कि यह समाज में सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने की एक सोची-समझी कोशिश है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि हिंदू आस्था और परंपराओं का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गिरफ्तारी की मांग
भाजपा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मंडुला सैमुअल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। डॉ. कल्याण नायक ने पुलिस को सौंपे गए ज्ञापन में विधायक पर धारा 153A, धारा 295A, धारा 298 और धारा 505(2) के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग की है।
तेलंगाना में होगा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन
भाजपा नेता ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी विधायक के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने और उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रहते हैं, तो पार्टी पूरे तेलंगाना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। भाजपा का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को अपनी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी धर्म की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहिए।
कब शुरू हुआ विवाद
यह विवाद 12 मार्च 2026 को हैदराबाद के गांधी भवन में हो रहे कार्यक्रम में तब शुरू हुआ जब वहां मौजूद विधायक मंडुला सैमुअल ने वैदिक मंत्रोच्चार और ब्राह्मणों द्वारा दिए जा रहे आशीर्वाद पर सवाल उठाए। बीजेपी का आरोप है कि विधायक ने संस्कृत के मंत्रों का मजाक उड़ाया और हिंदू धर्म की परंपराओं को ‘मनुवाद’ से जोड़ते हुए अपमानजनक शब्द कहे।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक की यह भाषा न केवल हिंदू धर्म का अपमान है, बल्कि समाज में सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने वाली है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से विधायक को पार्टी से निकालने और माफी मांगने की मांग की।
मंडुला सैमुअल ने मांगी माफी
वहीं, विवाद बढ़ता देख और चौतरफा घिरने के बाद एमएलए मंडुला सैमुअल ने अपना रुख बदला। 16 मार्च 2026 को मंडुला सैमुअल ने एक वीडियो बयान जारी कर बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। विधायक ने अपने शब्दों को वापस लेते हुए कहा कि वे ब्राह्मण समुदाय का सम्मान करते हैं और भाजपा इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है। दूसरी तरफ माफी के बावजूद भाजपा शांत नहीं है। पार्टी का तर्क है कि माफी से अपराध कम नहीं होता और उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।















