नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है। बुधवार को युद्ध का 19वां दिन है। अमेरिका और इजरायल ईरान पर जोरदार हमले कर रहा है। दूसरी तरफ ईरान भी झुकने का नाम नहीं ले रहा। ईरान लगातार इजराइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल दाग रहा है। ईरान ने इराक में अमेरिकी दूतावास पर हमला किया है। इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर भी ईरान की तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि जब तक ईरान झुकता नहीं है तब तक युद्ध जारी रहेगा।
फ्रांस को छोड़कर सभी देशों ने ठुकराई होर्मुज को लेकर ट्रंप की अपील
हालांकि इस बीच अमेरिका के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे बड़ी चिंता का केंद्र बन गया है। ईरान इस क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी देशों के जहाजों को टारगेट कर रहा है। ट्रंप ने होर्मुज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नाटो और अन्य देशों से मदद मांगी थी। फ्रांस को छोड़कर लगभग सभी देशों ने ट्रंप की अपील को ठुकरा दिया है। क्योंकि उनका कहना है कि यह उनकी लड़ाई नहीं है। कोई भी देश सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता। इसे लेकर ट्रंप नाटो पर आग बबूला भी हुए हैं।
नाटो पर नाराज हुए ट्रंप, कहा- हमें तुम्हारी जरूरत नहीं
ट्रंप की अपील के जवाब में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा में मदद करने को तैयार है। उन्होंने साफ किया है कि यह मिशन मध्य पूर्व में जारी युद्ध से अलग होगा। उन्होंने कहा कि हम इस युद्ध में शामिल नहीं हैं। इसलिए फ्रांस होर्मुज को खोलने या मुक्त कराने वाले अभियानों में कभी भाग नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत और तनाव को कम करना जरूरी है और यह मौजूदा सैन्य अभियान और बमबारी से पूरी तरह अलग होना चाहिए। दूसरी तरफ नाटो ने ट्रंप की अपील को ठुकरा दिया है। जिसके बाद ट्रंप नाटो पर नाराज हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अब नाटो की आवश्यकता नहीं है। यह निराशाजनक है कि अमेरिका अरबों डॉलर दूसरों की सुरक्षा में खर्च करता है, लेकिन जरूरत के समय सहयोगी साथ नहीं देते। अमेरिका के करीबी सहयोगी देश ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया ने भी अमेरिका के सैन्य अभियान के प्रस्ताव को खाजिर कर दिया।

















