मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार सभी तरह के जहाजों पर हमले कर रहा है। इसी क्रम में उसने थाईलैंड के एक मालवाहक जहाज पर हमला कर दिया, जो कि गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। इसमें भारत का भी एक नागरिक मारा गया है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चेताया है कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना ठीक नहीं है। ऐसे हमलों से निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।
क्या है पूरा मामला
11 मार्च को सुबह करीब 11 बजे होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई जहाज ‘मयूरी नारी’ पर हमला हुआ। ब्रिटिश समुद्री एजेंसी और अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से गोले दागे गए, जिससे जहाज में आग लग गई और इंजन रूम को नुकसान पहुंचा। तीन जहाजों पर हमला हुआ था, लेकिन ‘मयूरी नारी’ सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। हमले के बाद जहाज से काला धुआं उठता दिखा। रॉयल थाई नेवी ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। ओमान की नेवी की मदद से 23 चालक दल के सदस्यों में से 20 को सुरक्षित निकालकर ओमान ले जाया गया। अभी तीन सदस्य लापता हैं, उनकी तलाश जारी है।
थाई कंपनी का है जहाज
‘मयूरी नारी’ थाईलैंड का झंडा वाला बल्क कैरियर (मालवाहक जहाज) है। यह प्रेशियस शिपिंग कंपनी का जहाज है। जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से निकला था और गुजरात के कांडला पोर्ट की ओर जा रहा था। जहाज पर कुल 23 क्रू के सदस्य थे, ज्यादातर थाई नागरिक थे। हमले के वक्त जहाज जलमार्ग पर था, जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। यह रास्ता रोजाना 100-150 जहाजों से भरा रहता है।
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भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने शाम को बयान जारी किया। इसमें कहा गया, “हमने 11 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई जहाज ‘मयूरी नारी’ पर हमले की खबरें देखी हैं। यह जहाज कांडला जा रहा था। भारत पश्चिम एशिया के संघर्ष में वाणिज्यिक जहाजों पर सैन्य हमलों की निंदा करता है।” मंत्रालय ने आगे कहा कि इस संघर्ष में पहले भी कई हमलों में निर्दोष लोग मारे गए हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। हमलों की तीव्रता बढ़ती जा रही है। वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालना या नौवहन की आजादी में रुकावट डालना बंद होना चाहिए।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। भारत ने पहले भी इस तरह के हमलों पर चिंता जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई, कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इजराइल के नेताओं से बात की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ईरान समेत कई देशों के साथ संपर्क में हैं। ईरान में करीब 9,000 भारतीय हैं, दूतावास उनकी सुरक्षा पर नजर रखे हुए है।

















