छत्तीसगढ़

CM विष्णुदेव साय ने ममता बनर्जी को लिखा पत्र, राष्ट्रपति मुर्मू के अपमान पर जताया कड़ा ऐतराज

यहां मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उसे मनभेद में बदलना सही नहीं माना जाता। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुआ कथित अपमान इन परंपराओं के खिलाफ है और इससे उन्हें गहरा दुख हुआ है।

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Mahak Singh

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के साथ हुए व्यवहार से देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को ठेस पहुंची है। मुख्यमंत्री साय ने इस पूरे मामले में ममता बनर्जी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपमान पर मुख्यमंत्री साय ने जताया दुख- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें दूसरी बार बहुत दुखी मन से यह पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने लिखा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार हमेशा से दुनिया भर में सराहे जाते रहे हैं। यहां मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उसे मनभेद में बदलना सही नहीं माना जाता। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुआ कथित अपमान इन परंपराओं के खिलाफ है और इससे उन्हें गहरा दुख हुआ है।  विष्णुदेव साय ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते ममता बनर्जी से उम्मीद थी कि वे इस घटना पर दुख व्यक्त करेंगी, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया से देश के कई लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनके अनुसार यह पहली बार है जब किसी राज्य सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति को अपनी पीड़ा सार्वजनिक रूप से व्यक्त करनी पड़ी है।

माफी की मांग- पत्र में मुख्यमंत्री साय ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम का स्थान बदल दिया गया और राष्ट्रपति को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा गया। साय के अनुसार यह केवल राष्ट्रपति का ही नहीं बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों का भी अपमान है। मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में संदेशखाली की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि वहां जनजातीय महिलाओं के साथ हुई घटनाओं पर भी राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने ममता बनर्जी से आग्रह किया कि वे राष्ट्रपति और देश की जनता से सच्चे मन से माफी मांगें और भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने का भरोसा दें।

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