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ममता बनर्जी का 5 दिन का धरना खत्म, क्या मान ली गईं उनकी मांगें?

धरना खत्म करते समय ममता बनर्जी ने बताया कि उनका आंदोलन दो मुख्य मुद्दों पर था। पहला, उन लोगों को न्याय दिलाना जिनके नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। दूसरा, जिन मामलों की अभी जांच चल रही है, उन्हें जल्द पूरा करके लोगों को उनका वोट देने का अधिकार वापस दिलाना।

Written byMahak SinghMahak Singh
Mar 11, 2026, 02:36 pm IST
inपश्चिम बंगाल
Mamta Banarjee

ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कोलकाता में चल रहा अपना पाँच दिन का धरना समाप्त कर दिया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और मतदाताओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। ममता बनर्जी 6 मार्च से धरने पर बैठी थीं। उनका आरोप था कि कई लोगों के नाम बिना सही कारण के वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उनका कहना है कि इससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है, जो लोकतंत्र में बहुत महत्वपूर्ण है।

टीएमसी का आंदोलन- धरना खत्म करते समय ममता बनर्जी ने बताया कि उनका आंदोलन दो मुख्य मुद्दों पर था। पहला, उन लोगों को न्याय दिलाना जिनके नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। दूसरा, जिन मामलों की अभी जांच चल रही है, उन्हें जल्द पूरा करके लोगों को उनका वोट देने का अधिकार वापस दिलाना। इस धरने में पार्टी के कई नेता, सांसद और मंत्री भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी धरना स्थल पर मौजूद रहे और सरकार के समर्थन में नारे लगाए। टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने ममता बनर्जी से सार्वजनिक रूप से अपील की कि अब धरना समाप्त कर दिया जाए। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, इसलिए फिलहाल धरना खत्म करना ठीक रहेगा।

इस मामले में  सुप्रीम कोर्ट ने भी एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। अदालत ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस इस तरह के मामलों की सुनवाई के लिए पूर्व चीफ जस्टिस और अन्य जजों की एक विशेष बेंच बना सकते हैं। साथ ही अदालत ने Election Commission of India से भी कहा कि वह अपील सुनने के लिए सही व्यवस्था तैयार करे। ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव को आम लोगों की जीत बताया। उनका कहना है कि इससे उन लोगों को उम्मीद मिली है जिनके नाम मतदाता सूची से हट गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो जाता है, तब भी यह कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होगी।

Topics: पश्चिम बंगालSupreme Courtममता बनर्जीपश्चिम बंगाल की सीएमSIRwest Bengal cmmamata banarjeemamata ends protest
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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