NCERT ने हाल ही में कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायिक भ्रष्टाचार को लेकर चैप्टर रखने पर मचे बवाल के बाद बिना शर्त माफी मांग ली है। इसके साथ ही शिक्षा काउंसिल किताब के विवादित हिस्से को हटा दिया है।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में एक चैप्टर है “एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियोंड”, जिसमें हमारे समाज में न्याय व्यवस्था का रोल नाम का एक पाठ है। इसी को लेकर देश में बवाल मचा हुआ है। दरअसल, इस चैप्टर में न्याय व्यवस्था की चुनौतियों का जिक्र था, जैसे कोर्ट में लाखों-करोड़ों केस पेंडिंग रहना, जजों की कमी और भ्रष्टाचार का मुद्दा।
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
फरवरी के आखिरी हफ्ते में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खुद संज्ञान में लिया। कोर्ट ने किताब के इस कंटेंट को गलत और अपमानजनक बताया। CJI ने कहा कि ये संस्था पर हमला जैसा है। उन्होंने मुहावरे के जरिए टिप्पणी की थी,गोली चली है और संस्था खून से लथपथ है। कोर्ट ने किताब की छपाई, रीप्रिंटिंग और डिजिटल प्रसार पर पूरी तरह बैन लगा दिया। साथ ही NCERT से सख्ती से माफी मांगने को कहा और मामले की गहराई से जांच की बात कही।
NCERT का क्या रुख रहा?
पहले NCERT ने कहा कि ये गलती अनजाने में हुई है और “अनुपयुक्त सामग्री” गलती से शामिल हो गई। उन्होंने किताब के वितरण को रोक दिया और चैप्टर हटाने की बात कही। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद आज NCERT ने आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें डायरेक्टर और सदस्यों की तरफ से “बिना शर्त और बिना किसी शर्त के माफी” मांगी गई। कहा गया कि चैप्टर IV के लिए खेद है और पूरी किताब वापस ले ली गई है, अब वो उपलब्ध नहीं है। NCERT ने ये भी दोहराया कि वो एजुकेशनल कंटेंट में सटीकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।











