ईरान में भू राजनीति तेजी से बदल रही है। वहां नया सुप्रीम लीडर बनने के बाद लोग बंटे हुए हैं। देश में दो धड़े बंट गए हैं, जहां एक पक्ष नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का समर्थन कर रहा है, तो दूसरा पक्ष लगातार मुल्ला शासन का विरोध कर रहा है। इस बीच लोग ऑनलाइन और छिपकर लोग ज्यादा दमन की आशंका जता रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन पहले 9 मार्च को तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर में दोपहर के वक्त बड़ी भीड़ जमा हुई। लोग नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे) के पोस्टर लेकर नारे लगा रहे थे। कई शहरों में ऐसी ही तस्वीरें सरकारी टीवी पर दिखाई गईं–लोग “अमेरिका मुर्दाबाद”, “इज़रायल मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे थे और सुरक्षा बल खड़े देख रहे थे। उल्लेखनीय है कि मोजतबा खामेनेई की उम्र 56 साल है। वो लंबे समय से कम प्रोफाइल में रहे हैं, लेकिन आईआरजीसी और बासिज मिलिशिया से उनके गहरे रिश्ते हैं। कई लोग उन्हें बासिज का लीडर मानते हैं। अभी तक उन्होंने राष्ट्र को कोई संबोधन नहीं किया है।
यह नियुक्ति पिछले रविवार रात को हुई, जब देश युद्ध की स्थिति में है। अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त एयरस्ट्राइक से 28 फरवरी को अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उसी हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए, जिसमें मोजतबा की पत्नी और बेटा शामिल थे। अफवाहें हैं कि मोजतबा खुद भी घायल हुए थे। अली खामेनेई 37 साल तक सत्ता में रहे थे।
समर्थकों की तरफ से स्वागत
समर्थकों के लिए यह निरंतरता का संकेत है। एक डिजिटल इमेज वायरल हो रही है जिसमें अली खामेनेई अपने बेटे को राष्ट्रीय झंडा सौंपते दिख रहे हैं। एक यूनिवर्सिटी स्टूडेंट ज़हरा मीरबागेरी (21 साल) ने एक प्रो-रिजीम रैली में कहा कि मोजतबा की नियुक्ति “हमारे दुश्मनों के मुंह पर तमाचा है, जो सोचते थे कि पिता की मौत से सिस्टम ढह जाएगा।”
आलोचकों और आम लोगों की चिंता बढ़ी
दूसरी तरफ, बहुत से ईरानी अली खामेनेई को पिछले तीन दशकों के दमन के लिए जिम्मेदार मानते हैं। खामेनेई के इस्लामी कट्टरता विरोध करते-करते हजारों की मौत हो चुकी है। नौ दिन पहले जब उनकी मौत की खबर आई, तो सड़कों पर जश्न मनाया गया था। मोजतबा के ऐलान से ठीक पहले सोशल मीडिया पर “मोजतबा मुर्दाबाद” के वीडियो वायरल हुए। इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद कुछ लोग मैसेज भेज पा रहे हैं। लोगों को इस बात की चिंता सता रही है कि मोजतबा अपने पिता से भी ज्यादा कट्टर है,क्योंकि उसके बासिज और आईआरजीसी पर मजबूत पकड़ है। ऐसे में अब ये माहौल और भी अधिक दमनकारी होने वाला है।
ट्रंप की खुली चेतावनी
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चुने गए नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर धमकी दी है कि उनकी मंजूरी के बिना नया सुप्रीम लीडर अधिक दिनों तक जिंदा नहीं रहेगा।

















