आजकल शहरों में जगह की कमी होती जा रही है। ऐसे में बहुत से लोग चाहते हैं कि वे अपने घर पर ही ताजी और बिना दवा वाली सब्जियां उगा सकें। इसके लिए किचन गार्डन एक बहुत अच्छा तरीका है। अगर आपके घर में थोड़ी सी छत या टेरेस है, तो आप आसानी से वहां किचन गार्डन बना सकते हैं। छत पर बना किचन गार्डन न केवल ताजी सब्जियां देता है बल्कि घर के माहौल को भी हरा-भरा और सुंदर बनाता है।
सबसे पहले छत पर किचन गार्डन बनाने के लिए सही जगह चुनना जरूरी है। ऐसी जगह चुनें जहां दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे धूप आती हो। धूप पौधों की अच्छी बढ़त के लिए बहुत जरूरी होती है। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि छत पर पानी की निकासी अच्छी हो ताकि ज्यादा पानी जमा न हो। किचन गार्डन बनाने के लिए आपको बड़े खेत की जरूरत नहीं होती। आप गमलों, प्लास्टिक की बाल्टियों, पुराने ड्रम, टब या ग्रो बैग में भी पौधे उगा सकते हैं। आजकल बाजार में खास तौर पर गार्डनिंग के लिए ग्रो बैग भी मिलते हैं, जो हल्के होते हैं और छत पर रखना आसान होता है।
अब बारी आती है मिट्टी तैयार करने की। अच्छी मिट्टी पौधों की अच्छी बढ़त के लिए बहुत जरूरी होती है। इसके लिए आप बगीचे की मिट्टी, गोबर की खाद और रेत या कोकोपीट को बराबर मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे मिट्टी हल्की और पौष्टिक बन जाती है और पौधों की जड़ें अच्छी तरह फैल पाती हैं। छत पर किचन गार्डन में आप कई तरह की सब्जियां और हरी पत्तियां उगा सकते हैं। जैसे टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, पालक, मेथी, लौकी, तोरई और बैंगन आसानी से उगाए जा सकते हैं। शुरुआत में ऐसी सब्जियां लगाना बेहतर होता है जो जल्दी तैयार हो जाती हैं। इससे आपका उत्साह भी बना रहता है।
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पौधों को समय-समय पर पानी देना भी बहुत जरूरी है। आमतौर पर गर्मियों में रोज पानी देना पड़ता है और सर्दियों में एक दिन छोड़कर भी पानी दिया जा सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा पानी देने से पौधों की जड़ें खराब भी हो सकती हैं। किचन गार्डन में रासायनिक दवाइयों का कम से कम उपयोग करना चाहिए। इसके बजाय आप घर में बने प्राकृतिक उपाय अपना सकते हैं। जैसे नीम का पानी, छाछ या लहसुन का घोल पौधों पर छिड़कने से कीड़े कम लगते हैं और पौधे सुरक्षित रहते हैं। छत पर किचन गार्डन बनाने का एक और फायदा यह है कि घर का कचरा भी काम आ सकता है। रसोई से निकलने वाले सब्जियों के छिलके, चाय की पत्ती और फलों के छिलकों से आप जैविक खाद बना सकते हैं। इससे पौधों को अच्छा पोषण मिलता है और कचरा भी कम होता है।











