दुबई/वॉशिंगटन/बीजिंग, (हि.स.)। अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाने के बाद होरमुज जलडमरूमध्य में संकट और गहरा गया है। लगातार पांचवें दिन तेल और गैस ले जाने वाले टैंकर समुद्र में लंगर डाले खड़े हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा कीमतों में उछाल को नियंत्रित करने के लिए मध्य-पूर्व से तेल और गैस निर्यात करने वाले जहाजों को बीमा सुरक्षा और नौसैनिक एस्कॉर्ट देने का आश्वासन दिया है।
200 जहाज समुद्र में रुके
शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, इराक, सऊदी अरब और कतर जैसे प्रमुख उत्पादक देशों के तटों के पास कम से कम 200 जहाज समुद्र में रुके हुए हैं। सैकड़ों अन्य पोत होरमुज के बाहर बंदरगाहों तक पहुंचने में असमर्थ हैं। यह जलडमरूमध्य दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति के लिए अहम मार्ग है।
कतर ने गैस उत्पादन रोका
कतर ने गैस उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है, जबकि इराक ने तेल उत्पादन घटाया है क्योंकि भंडारण क्षमता भर चुकी है। सऊदी अरब, यूएई और कुवैत को भी लोडिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चीन ने संघर्ष रोकने की अपील की
चीन ने संघर्ष रोकने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि होरमुज एक महत्वपूर्ण व्यापार और ऊर्जा मार्ग है और क्षेत्रीय अस्थिरता वैश्विक आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंचा सकती है।
तेल बाजार में उथल-पुथल हो सकती है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संकट लंबा खिंचता है तो वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
ड्रोन और मिसाइलों की बौछार तेज
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के पांचवें दिन भी थमने के कोई संकेत नहीं हैं। अमेरिका ईरान के लक्षित ठिकानों पर हमले कर रहा है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से में नागरिकों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी है। ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी। हालात बिगड़ने के बीच सऊदी अरब और कुवैत में अमेरिकी दूतावास बंद कर दिए गए।
तेल कंपनी अरामको पर फिर हमला
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब की ऑयल कंपनी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी पर फिर से एक ड्रोन हमला किया गया। यह दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है। दो दिन पहले भी इस पर ईरान ने हमला किया था। यह रिफाइनरी सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी में से एक है। यहां प्रतिदिन 5.50 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल रिफाइन किया जाता है।
बसीज के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया
इजरायली सेना के मुताबिक ईरान के मिसाइल ठिकानों, आईआरजीसी की वालंटियर अर्धसैनिक शाखा ‘बसीज’ के दर्जनों ठिकानों और आंतरिक सुरक्षा कमान केंद्रों को निशाना बनाया गया। इजरायल रक्षा बलों ने दावा किया कि उसके एफ-35 लड़ाकू विमान ने तेहरान के ऊपर रूस निर्मित ईरानी वाईएके-130 फाइटर जेट को मार गिराया है।
लेबनान की राजधानी दहली
इजरायल के हमले से लेबनान की राजधानी बेरूत सुबह-सुबह दहल उठी। इजरायल ने दक्षिणी उपनगरों में कई चरणों में हमले किए, जिससे रिहायशी इमारतें जमींदोज हो गईं और एक होटल भी क्षतिग्रस्त हुआ। उधर, हिज्बुल्लाह ने इस लड़ाई में पहली बार लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया। तेल अवीव में सायरन बजने के बाद नागरिकों को शरणस्थलों में जाना पड़ा।
अमेरिका चौबीसों घंटे कर रहा हमला
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक अमेरिकी मध्य कमान के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिका ईरान में लक्षित ठिकानों पर चौबीसों घंटे हमले कर रहा है। पिछले सौ से भी कम घंटे में करीब 2000 लक्ष्यों को निशाना बनाया जा चुका है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 17 युद्धपोत डुबो दिए हैं, जिसमें उसकी सबसे आधुनिक पनडुब्बी भी शामिल है। अरब की खाड़ी, होर्मुज़ जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसेना के किसी भी जहाज़ का संचालन नहीं हो रहा।
अमेरिकियों को खाड़ी देश छोड़ने की सलाह
ईरान के जवाबी हमलों के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी है। संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और सऊदी अरब से चार्टर उड़ानों के जरिए अमेरिकियों को निकालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि दूतावासों और हवाई क्षेत्र के बंद होने से निकासी अभियान जटिल हो गया है।
ईरान ने 40 मिसाइलें दागी
ईरान ने बुधवार सुबह करीब 40 मिसाइलें दागने का दावा किया। कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोहा के पास एक एयर बेस पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल गिरी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। एक अन्य मिसाइल को कतर की वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही मार गिराया।
कुवैत की सेना ने क्या कहा
कुवैत की सेना के मुताबिक कई शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों को इंटरसेप्ट किया गया, लेकिन मलबा रिहायशी इलाके में गिरने से कुछ लोग घायल हुए और नुकसान हुआ। सऊदी अरब ने भी पूर्वी हिस्से में एक ड्रोन मार गिराने की पुष्टि की है।
ईरान के विदेश मंत्री ने धोखा देने का आरोप लगाया
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कूटनीतिक धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जटिल परमाणु वार्ताओं को रियल एस्टेट सौदे की तरह लेना और बड़े झूठ फैलाना अवास्तविक उम्मीदों को जन्म देता है।
इजरायल ने कहा- नए नेता को भी खत्म करेंगे
इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि अगर अली खामेनेई के बाद ईरान में जो भी नया नेता बनेगा उसे भी खत्म कर दिया जाएगा। नाम या जगह से कोई फर्क नहीं पड़ता, इजरायल उसे ढूंढ़ लेगा।

















