तेल अवीव, (हि.स.)। इजरायल ने ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें रिहायशी इलाकों पर गिर रही हैं, जिसे इजरायल ने रविवार को ‘युद्ध अपराध’ करार दिया।
इजरायल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओरेन मार्मोरस्टीन ने कहा कि हमले के स्पष्ट संकेत बताते हैं कि लक्ष्य कोई सैन्य प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि नागरिक इलाका था। हमले में बच्चे, बुजुर्ग और विदेशी नागरिक प्रभावित हुए हैं। प्रवक्ता के अनुसार जिस इमारत के पास वह मौजूद थे, वहां एक फिलीपीन मूल की महिला की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए। इस तरह के हमले केवल इजरायल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य देशों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
‘हमारा लक्ष्य ईरानी जनता नहीं’
मॉर्मरस्टीन ने कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों पर है। इजराइल का विवाद ईरानी जनता से नहीं, बल्कि तेहरान के शासक तंत्र से है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाओं को रोका जाए और क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर अंकुश लगाया जाए।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
मध्य पूर्व में हालिया घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। ईरान पहले ही कह चुका है कि उसकी कार्रवाई आत्मरक्षा के अधिकार के तहत है, जबकि इजराइल नागरिकों पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बता रहा है।











