लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि होली, रमजान, ईद सहित आगामी पर्वों के दौरान शरारतन माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की एक भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी हर कोशिश पर सख्ती से कार्रवाई होगी। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और सभी पर्व-त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराए जाएं।
सरकारी आवास पर बैठक में दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में होलिकोत्सव, रमजान, नवरोज़, बासंतिक नवरात्रि, रामनवमी आदि महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार के शांतिपूर्ण आयोजन के सम्बन्ध में आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आहूत एक बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में जनपद, रेंज, जोन व मण्डल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन तथा जन-शिकायत निस्तारण की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
संवेदनशील अवधि में कानून-व्यवस्था पर विशेष सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय पर्व-त्योहार तथा बोर्ड परीक्षाएँ संचालित हैं। यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए बीते पाँच वर्षों की घटनाओं की समीक्षा कर उनसे सीख लेते हुए प्रभावी प्रबन्ध किए जाएं। यदि प्रदेश में कहीं भी समाज में विद्वेष फैलाने वाली घटनाएँ घटित होती हैं, तो सम्बन्धित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ायी जाए और शोभा यात्राओं के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए।
होलिका दहन समितियों और पीस कमेटियों की बैठक अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने होलिका दहन समितियों तथा पीस कमेटियों की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए, ताकि पर्वों के दौरान आपसी समन्वय और सौहार्द बना रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि होलिका दहन सुरक्षित स्थान पर ही हो। उन्होंने निर्देश दिए कि होली के अवसर पर कहीं भी अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए और किसी के उत्साह में ऐसा कोई कृत्य न हो, जिससे किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति को नीचा दिखाने या परेशान करने की स्थिति उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि पर्व एवं त्योहार उल्लास और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि किसी को आहत करने का माध्यम।
ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कानफोड़ू आवाज वाले लाउडस्पीकरों को हटाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब भी कई धर्मस्थलों पर ऐसे लाउडस्पीकर लगे हुए हैं, जिन्हें संवाद और समन्वय के माध्यम से हटाया जाना चाहिए, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। उन्होंने लोकल इण्टेलिजेंस को और अधिक मजबूत करने तथा सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। फेक अकाउण्ट्स की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सूचना का स्थानीय प्रशासन द्वारा त्वरित एवं प्रभावी खण्डन किया जाए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
ऊर्जा, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि मार्च माह में पर्व-त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सक्रिय रूप से क्रियाशील रहें। साफ-सफाई व पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निराश्रित गोवंश संरक्षण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली अथवा अवैध मदिरा न तो बने, न ही बिके।
परिवहन निगम के अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने होली के अवसर पर लोगों के आवागमन में वृद्धि को देखते हुए परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल फिटनेस मानकों पर खरी उतरने वाली बसों को ही संचालन में लगाया जाए तथा निजी ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों को फील्ड में उतरकर आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बसें सड़क किनारे न खड़ी हों, अपनी तय जगह पर ही खड़ी हों।
















