महाराष्ट्र में मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के ऑफिस में खुलेआम नमाज पढ़ने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने सरकारी कार्यालय में नमाज पढ़ने को गैर-कानूनी और गलत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नमाज पढ़ने का वीडियो शेयर करते हुए इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। वायरल वीडियो में बिजली विभाग के ऑफिस में पांच से दस मुस्लिमों को नमाज पढ़ते हुए साफ देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने एक्स पर लिखा कि कुछ सरकारी कर्मचारियों और लोगों ने म्युनिसिपल इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के ऑफिस में खुलेआम नमाज पढ़ी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया है। किरीट सोमैया ने इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही इसमें शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, कर्मचारियों को सस्पेंड करने के लिए मुख्यमंत्री और अधिकारियों को एक पत्र भी भेजा है।
सरकारी ऑफिस के अंदर क्यों पढ़ी गई नमाज?
दरअसल, यह मामला शहर के एक वार्ड में लंबे समय से चली आ रही बिजली की समस्या से जुड़ा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम को बार-बार बताने और लिखित शिकायत करने के बाद भी बिजली की समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इसी मुद्दे को लेकर मालेगांव लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष लुकमान कमाल के नेतृत्व में वार्ड के लोगों ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग में धरना दिया। चूंकि रमजान का महीना चल रहा है और धरने के दौरान असर की नमाज का वक्त हो गया था। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बिजली विभाग के दफ्तर ही जमात के साथ नमाज पढ़ी।
लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष ने दी सफाई
लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष लुकमान कमाल का कहना है कि उन्हें दोपहर 3 बजे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ऑफिस बुलाया गया था, लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बाद अधिकारी नहीं आए। उन्होंने कहा, “हमें बताया गया कि वे मीटिंग में हैं, लेकिन कोई नहीं आया। इस बीच, असर की नमाज का वक्त हो गया। अगर हम चले जाते, तो ऑफिस बंद हो जाता और अगले दिन हमें बिजली नहीं मिलती। इसलिए हमने बिजली डिपार्टमेंट के ऑफिस के अंदर ही नमाज पढ़ी।”
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे कानून और संविधान का मजाक बताया। उनका कहना है कि सरकारी कार्यालय कोई धार्मिक स्थल नहीं होता। सरकारी इमारत में नमाज पढ़ना कानून का मजाक है।
मालेगांव का विवादों से पुराना नाता
हाल ही में मालेगांव नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करने वाली इस्लाम पार्टी की डिप्टी मेयर निहाल अहमद के ऑफिस में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने पर जमकर बवाल हुआ। यूजर्स ने निहाल अहमद को देश के महान लोगों छत्रपति शिवाजी महाराज, बाबा साहेब अंबेडकर, डॉ राजेंद्र प्रसाद, वर्तमान प्रधानमंत्री, वर्तमान राष्ट्रपति, महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर के बजाय टीपू सुल्तान की फोटो लगाने पर जमकर लताड़ा था। एक यूजर ने स्पष्ट शब्दों में चेताया था कि अब इस पैटर्न को समझना होगा- जहां इस्लाम है, वहां न गांधीवाद बचता है, न राष्ट्रवाद।
















