देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को एक ही मंच पर दर्द, आक्रोश और चेतावनी की आवाजें एक साथ गूंज उठीं। 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2- गोज़ बियॉन्ड’ से पहले आयोजित इस विशेष संवाद में ‘लव जिहाद’ की पीड़िताओं और मृतक बेटियों के परिजनों ने अपनी आपबीती सुनाई।
सभागार में बैठे पत्रकारों और अतिथियों की आंखें नम थीं। मंच पर खड़ी बेटियों के आंसू उनके आंचल को भिगो रहे थे, तो सामने बैठे लोग रुमाल से अपने गीले गाल पोंछते नजर आए। दरअसल यह कहानियां टूटे भरोसे, बिखरे सपनों और संघर्ष की सच्ची तस्वीरें हैं।
तारा शाहदेव की सिसकियों में छिपी चेतावनी
नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव, जो स्वयं ‘लव जिहाद’ की पीड़िता रही हैं, ने जब माइक संभाला तो सभागार में सन्नाटा छा गया। उन्होंने कहा कि “मैं चाहती हूं कि हिंदू बेटियां सतर्क रहें। परिवार अपनी बेटियों पर भरोसा करे, उनका साथ दे।” तारा ने अपने जीवन के उस भयावह अध्याय को याद किया जब 7 जुलाई 2014 को रांची के रेडिशन ब्लू होटल में उनकी शादी रंजीत सिंह कोहली नाम के व्यक्ति से हुई। लेकिन शादी के बाद सच्चाई सामने आई कि रंजीत का असली नाम रकीबुल हसन है।
तारा के अनुसार, शादी छल से रचाई गई थी। बाद में उन पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया। विरोध करने पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई। यहां तक कि उन्हें कुत्तों से कटवाने जैसी अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वह इस्लाम कबूल नहीं करतीं तो उनके पिता और भाई को जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि पुलिस को उन्हें रकीबुल हसन के घर से लेजाकर सीधे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। तारा की आवाज कई बार भर्रा गई, लेकिन उनका संदेश स्पष्ट था कि “यह कल्पना नहीं, मेरी जीती-जागती सच्चाई है।” लव जिहाद में हिन्दू बेटियों को योजना बद्ध तरीके से छल द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। हिन्दू नाम रखकर उन्हें प्रेम के जाल में फंसाया जा रहा है।
दरगाह में ले जाकर दुष्कर्म किया
दिल्ली में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में देश के अलग-अलग हिस्सों से आई 55 युवतियों और 33 परिजनों ने अपने अनुभव साझा किए। मुंबई की दो युवतियों ने बताया कि किस तरह उन्हें एक दरगाह में ले जाया गया, पानी पिलाया गया और फिर उनके साथ दुष्कर्म व सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने प्रारंभिक पुलिस सहयोग न मिलने की पीड़ा भी व्यक्त की। उसके बाद इस्लाम कबूल करने, फिर हलाला की दर्दनाक घटना का भी जिक्र उन्होंने किया, जिसे सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए थे।
काश हमने बेटी की बात पहले सुन ली होती…
अंकिता तोमर की मां ने बताया कि उनकी बेटी ने जब ऐसे रिश्ते को ठुकराया तो उसे इसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ी, उसे मार दिया गया। सभागार में बैठे लोग उस मां की सिसकियों को सुनकर स्तब्ध रह गए। जब मंच पर खड़ी एक मां ने कहा- “काश, हमने बेटी की बात पहले सुन ली होती…” तो सभागार में सन्नाटा छा गया। मां ने सभी से अपील की, “सतर्क रहें, सवाल पूछें, और अपनी बेटियों पर भरोसा करें।” यहां पीड़िताओं का एक स्वर में कहना रहा कि “हमें प्रेम के नाम पर जाल में फंसाया गया। जब सच्चाई समझ आई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।”
फिल्म की पृष्ठभूमि और निर्माताओं का पक्ष
फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि यह फिल्म 70-80 एफआईआर और कई अदालतों के फैसलों पर आधारित शोध के बाद बनाई गई है। यह समाज को जागरूक करने का प्रयास है, न कि किसी समुदाय के खिलाफ अभियान। ‘द केरला स्टोरी 2 – गोज़ बियॉन्ड’ 2023 में आई पहली फिल्म का सीक्वल है। इस बार कहानी केरल से आगे बढ़कर राजस्थान, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों तक पहुंचती है।
फिल्म में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा तीन हिंदू लड़कियों की भूमिका निभा रही हैं, जिनकी जिंदगी प्रेम संबंधों के बाद एक भयावह मोड़ ले लेती है। कहानी दिखाती है कि कैसे रिश्तों के पीछे एक सुनियोजित एजेंडा छिपा हो सकता है। फिल्म को हिंदी के साथ कन्नड़ और तेलुगू भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा।
देशभर से आई आवाजें, एक साझा संदेश
दिल्ली में आयोजित इस संवाद में पश्चिम बंगाल, बिहार, भीलवाड़ा, गंगापुर, राजकोट, उदयपुर, जम्मू, महाराष्ट्र, भोपाल, झारखंड, फरीदाबाद, मेरठ, नोएडा, गुड़गांव और इंदौर से आईं पीड़िताओं ने आपबीती सुनाई। दरअसल यहां दिखाई दे रहा था कि यहां सिर्फ व्यक्तिगत घटनाओं का जिक्र नहीं हो रहा था, यह पत्रकार वार्ता एक साझा पीड़ा का मंच बन चुकी थी। मृत बेटियों के परिवारजन, संघर्ष कर रहीं युवतियां और फिल्म से जुड़े लोग सभी एक साथ खड़े थे।
पीड़िताओं ने यहां मौजूद पत्रकारों के बीच अपील की, “परिवार अपनी बेटियों पर विश्वास करे। उन्हें चुप न कराएं। अगर कोई असामान्य बात दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें।” पीड़िताओं ने “लव जिहाद” को एक संगठित षड्यंत्र करार दिया। सभी पीड़िताओं ने कहा, यह उनके जीवन की कड़वी सच्चाई रही है, जिससे वे अब भी संघर्ष कर रही हैं।
रिलीज से पहले बढ़ी हलचल
27 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही ‘द केरला स्टोरी 2 – गोज़ बियॉन्ड’ को लेकर पहले से ही चर्चा तेज है। समर्थक इसे जागरूकता की फिल्म बता रहे हैं। प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह, डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह, को-प्रोड्यूसर आशिन ए. शाह ने साफ कहा है कि यह फिल्म केवल सिनेमा नहीं है, वे अपने समाज के प्रति उत्तरदायित्वों का वहन कर रहे हैं, उनके लिए यह विषय एक भावनात्मक और सामाजिक विमर्श का केंद्र बन चुका है।
उल्लेखित है कि ‘द केरला स्टोरी 2 – गोज़ बियॉन्ड’ भले ही 27 फरवरी को सिनेमाघरों में आएगी, लेकिन उससे पहले ही उसने एक बहस, एक चेतावनी और एक भावनात्मक लहर को जन्म दे दिया है। अब देखना यह है कि यह फिल्म समाज को कितना जागरूक कर पाती है! फिलहाल इतना साफ दिख रहा है कि दिल्ली में इस दर्दभरी दोपहर में निकले आंसू यह जरूर कह रहे हैं कि “यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है…जिसे हर हाल में रोकाजाना जरूरी है”













