वामपंथ का गढ़ कहे जाने वाले दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एक बार फिर से वामपंथ समर्थकों के उत्पात का मामला प्रकाश में आय़ा है। आरोप है कि वामपंथी छात्रों ने ABVP कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। आरोप ये भी है कि वामपंथी पहले कुलपति को घेरने की योजना के तहत मार्च निकाला था, लेकिन फिर छात्रों को घेरकर उन पर पत्थरों से हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला
लेफ्ट-विंग ग्रुप्स और ABVP वर्कर्स के बीच हुई कथित झड़प पर, ABVP के स्टेट जॉइंट सेक्रेटरी विकास पटेल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आरोप लगाया कि उस रात JNU में एक मार्च आय़ोजित किया गया था। वामपंथियों की योजना वाइस चांसलर को घेरने की थी। इसी योजना के तहत ये मार्च भी निकाला गया था। लेकिन, अचानक से उन्होंने इस पूरे मार्च को स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज की ओर मोड़ दिया। यहीं पर पिछले एक सप्ताह से उनका प्रदर्शन चल रहा था।
#WATCH | Delhi: On the alleged clash that occurred at the Jawaharlal Nehru University between left-wing groups and ABVP workers, Manish, a student victim, says, "Yesterday a call was given by the Left Wing for a procession… The people who were there tried to close down academic… pic.twitter.com/NiD2kbnfuQ
— ANI (@ANI) February 23, 2026
छात्रों पर हमला करने के पीछे की वजह
विकास पटेल का कहना है कि असल में वामपंथी छात्रों को इस बात से समस्या थी कि छात्र उनके प्रदर्शनों में शामिल नहीं हो रहे थे। इसकी जगह वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रहे थे। इससे वे चिढ़े हुए थे। इसीलिए वामपंथी समूह ने ऐसे छात्रों से निपटने के लिए उनकी क्लास और लाइब्रेरी को बंद कर दिया और रीडिंग रूम को भी बंद कर दिया, ताकि छात्र मजबूरन प्रदर्शनों में शामिल हों। इसी के तहत उन्होंने प्रदर्शनों के बाद कुछ छात्रों पर हमला भी किया।
जब हम उन छात्रों की तरफ से उनसे बातचीत करने के लिए गए, तो वामपंथियों ने हम पर ही हमला कर दिया। इसके बाद हम लोगों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस के आने के बाद गार्ड्स की मदद से हमने अपने कार्यकर्ताओं को बचाया। उन्होंने मामले की शिकायत जेएनयू प्रशासन से करने की बात कही है।











