भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में यूनुस दौर के बाद अब तारिक रहमान की अगुवाई वाली सरकार बन चुकी है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री रहमान ने देश की सेना के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा फेरबदल किया है। इसी के तहत भारत में बांग्लादेश के दूतावास में रक्षा सलाहकार के तौर पर तैनात अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को वापस बुला लिया गया है। इसी के साथ ही उन्हें मेजर जनरल के रैंक और स्टेटस के साथ एक इन्फैंट्री डिवीजन का जीओसी बनाया जा रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सेना मुख्यालय की ओर से जारी किए गए आदेश में कई अहम पदों पर तबादले और प्रमोशन हुए। इसके तहत लेफ्टिनेंट जनरल एम. मैनुर रहमान को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ बनाया गया है। इससे पहले वो आर्मी ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड (एआरटीडीओसी) के थे। इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुशफिकुर रहमान को प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर (पीएसओ), आर्म्ड फोर्सेस डिवीजन बनाया गया है। जबकि पुराने पीएसओ लेफ्टिनेंट जनरल एस. एम. कमरुल हसन को विदेश मंत्रालय में अटैच कर दिया गया है। साथ ही ब्रिगेडियर जनरल कैसर राशिद चौधरी को डायरेक्टर जनरल, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेस इंटेलिजेंस बनाया गया है।
भारत में तैनात अधिकारी को वापस बुलाया
एक खास बात ये है कि भारत में बांग्लादेश हाई कमीशन के डिफेंस एडवाइजर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को वापस बुला लिया गया है। उन्हें मेजर जनरल के रैंक और स्टेटस के साथ एक इन्फैंट्री डिवीजन (रिपोर्ट्स में 55वीं इन्फैंट्री डिवीजन का जिक्र है) का जीओसी बनाया जा रहा है। ये पद बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि डिवीजन कमांडर फील्ड में बड़े सैन्य ऑपरेशन देखते हैं। अभी वो भारत में थे, लेकिन अब जल्द ही ढाका लौटकर नया चार्ज संभालेंगे। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वो डीजीएफआई से भी अटैच्ड थे।
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ये सारे बदलाव नई सरकार के आने के साथ सेना के शीर्ष स्तर को मजबूत और समन्वित बनाने की कोशिश लगते हैं। सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान के तहत ये फैसले लिए गए हैं। साथ ही, इसी दौरान ढाका में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत नई सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है। बैठक में विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद भी थीं।
एक तिहाई बहुमत से साहिल की थी जीत
गौरतलब है कि शेख हसीना वाजेद के सत्ता से बेदखल होने के बाद हाल ही में 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में तारिक रहमान की अगुवाई में बीएनपी ने एक तिहाई बहुमत से जीत हासिल की और 17 फरवरी को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा था कि लोकतांत्रिक बांग्लादेश को हमेशा भारत का समर्थन रहेगा।












