केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में CAA के तहत आने वाली नागरिकता की आवेदनों को तेजी से निपटाने के लिए दूसरी सशक्त समिति बना दी है। यह फैसला 21 फरवरी 2026 को गजट नोटिफिकेशन के जरिए हुआ।
CAA क्या है ?
CAA 2019 का कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी) को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता आसान बनाता है, जो 31 दिसंबर 2014 से पहले धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए थे। इस कानून के नियम मार्च 2024 में नोटिफाई हुए थे, जिसके बाद देशभर में आवेदन शुरू हुए। पश्चिम बंगाल में खासकर मतुवा समुदाय और अन्य हिंदू प्रवासियों से बहुत ज्यादा आवेदन आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से पुरानी समिति पर बोझ बढ़ गया था। इसलिए केंद्र ने अब एक अतिरिक्त समिति बनाकर काम को बांट दिया है ताकि प्रोसेसिंग जल्दी हो सके।
2014 में बनी थी पहली समिति
पहली सशक्त समिति मार्च 2014 में ही बनाई गई थी। उसका अध्यक्ष डायरेक्टर ऑफ सेंसस ऑपरेशंस, वेस्ट बंगाल होता है। यह समिति पूरे देश में हर राज्य में होती है, लेकिन बंगाल में आवेदनों की संख्या बहुत ज्यादा होने की वजह से केंद्र ने सिर्फ यहां के लिए दूसरी समिति बनाई है। पुरानी समिति अभी भी काम कर रही है, नई वाली उसके साथ मिलकर वर्कलोड शेयर करेगी।
नई समिति का विवरण
केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा बनाई गई समिति को पश्चिम बंगाल के डायरेक्टरेट ऑफ सेंसस ऑपरेशंस, डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल, इसके सदस्य सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो का एक अधिकारी, विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) द्वारा नामित एक अधिकारी, नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के स्टेट इन्फॉर्मेटिक्स ऑफिसर द्वारा नामित एक अधिकारी (अंडर सेक्रेटरी रैंक या ऊपर), पोस्टमास्टर जनरल, वेस्ट बंगाल या उनके द्वारा नामित पोस्टल अधिकारी (डिप्टी सेक्रेटरी रैंक या ऊपर) का रहेगा। इसके अलावा समिति के कुछ सदस्य पुरानी समिति से ही आ सकते हैं।
काम कैसे होता है
आवेदन पहले जिला स्तर की कमिटी में जाते हैं, जहां दस्तावेज चेक होते हैं। उसके बाद ये सशक्त समिति को फॉरवर्ड होते हैं। समिति जांच के बाद अप्रूवल या रिजेक्शन करती है। नई समिति बनने से ये प्रोसेस अब तेज होगा, क्योंकि दो समितियां साथ-साथ काम करेंगी। बंगाल में CAA आवेदन ज्यादातर मतुवा और अन्य हिंदू बांग्लादेशी प्रवासियों से आए हैं। बीजेपी भी इन कम्युनिटीज में लगातार संपर्क बढ़ा रही है। यह कदम CAA को राज्य में और प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में है, खासकर जब आवेदनों की बाढ़ आ गई है।

















