नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ गया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच किसी भी समय युद्ध हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो एयरक्राफ्ट कैरियर बेड़ों को ईरान की खाड़ी पर तैनात करने के आदेश भी दे दिए हैं। दूसरी तरफ ईरान ने भी युद्धाभ्यास कर अमेरिका से टकराने के सख्त संदेश दे दिए हैं। ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों पर हमले के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
ईरान-अमेरिका के बीच क्यों भड़का तनाव?
ईरान-अमेरिका के बीच तनाव ईरान में महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शनों और उसके खिलाफ सरकारी कार्रवाई के बीच बढ़ा। इस तनाव की एक वजह अमेरिका की ओर से पश्चिम एशिया में की गई सैन्य तैनाती भी है। इस सैन्य तैनाती के जरिए ट्रंप ईरान के अयातुल्ला शासन को खत्म करने की चेतावनी दे रहे हैं। दूसरा ईरान का परमाणु कार्यक्रम दोनों देशों के बीच तनाव का कारण रहा है। दरअसल, अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना चाहता है। ट्रंप एक नए परमाणु समझौते के लिए ईरान पर दबाव बना रहे हैं।
ईरान में विरोध प्रदर्शन और अमेरिका का दखल
दिसंबर 2025 में ईरान में बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हुआ। इन विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ ईरानी सरकार की सख्त कार्रवाई में हजारों लोगों के मारे जाने की बात कही गई। इस मामले में अमेरिका ने भी दखल दिया। वहीं, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों ने भी अमेरिका के साथ उसकी तल्खी को बढ़ाया।

अमेरिका ने लड़ाकू विमान से लेकर घातक मिसाइलें की तैनात
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच मिडल ईस्ट में अमेरिका ने अब तक की सबसे बड़ी सैन्य लामबंदी की है। इन सैन्य बेड़ों में अमेरिका के सबसे घातक एफ-22 रैप्टर लड़ाकू विमान से लेकर सबसे बड़े और खतरनाक युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड शामिल हैं। अमेरिका ने इस क्षेत्र में दो परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत तैनात किए हैं। पहला यूएसएस अब्राहम लिंकन है और दूसरा यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में कुल 13 विध्वंसक पोत तैनात किए जा चुके हैं। अमेरिका ने बड़ी संख्या में एफ-22 रैप्टर और एफ-35 लाइटनिंग फाइटर जेट तैनात किए हैं। साथ ही ड्रोन और बमवर्षक विमान भी तैनात किए गए हैं। अमेरिकी युद्धपोत टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस हैं। पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
ईरान ने जारी किया सैन्य हाई अलर्ट, जवाबी हमले की चेतावनी जारी
ईरान ने भी इस तनाव के बीच सैन्य हाई अलर्ट और जवाबी हमले की चेतावनी जारी की है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने चेतावनी दी है कि अगर उसे उकसाया गया तो ऐसा जवाब दिया जाएगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने अपनी ताकत दिखाई है। यहां उसने सैन्य अभ्यास किया है।

















