कर्नाटक से एक बार फिर से इस्लामिक कट्टरता का मामला प्रकाश में आया है, जहां बागलकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं के जुलूस पर हमला कर दिया। इसके बाद माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया। आरोप लगाया गया कि मस्जिद के सामने से निकलते वक्त डीजे तेज आवाज में बजाया जा रहा था।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि शिवाजी जयंती पर मराठा समुदाय के लोगों ने एक शोभायात्रा निकाली। इस दौरान शिवाजी महाराज की प्रतिमा या तस्वीर लेकर जुलूस शहर के अंबाभवानी मंदिर से शुरू हुआ। जुलूस शहर के कुछ इलाकों से गुजरते हुए बागलकोट किले के पास पहुंचा। यहां पंका मस्जिद के सामने से गुजरना था। उस वक्त मस्जिद में नमाज भी चल रही थी।
आरोप है कि जुलूस मस्जिद के ठीक बाहर पहुंचा तो कुछ लोगों ने डीजे की आवाज तेज कर दी और नारेबाजी शुरू हो गई। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने विरोध जताया। पुलिस वाले बीच में खड़े होकर हालात संभालने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच मस्जिद की तरफ से पहले चप्पल फेंकी गई, फिर दो-तीन पत्थर जुलूस की ओर आए। इनमें से एक पत्थर बागलकोट के एसपी सिद्धार्थ गोयल को लगा, उनकी गर्दन पर चोट आई और खून भी निकला। कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं को भी चोटें आईं।
जवाब में क्या हुआ
पत्थरबाजी से माहौल और बिगड़ गया। कुछ लोग उग्र हो गए और मस्जिद के बाहर बाजार में खड़े तीन सब्जी के ठेलों में आग लगा दी। ये ठेले ज्यादातर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के थे। आग लगने से ठेलों को काफी नुकसान हुआ, लेकिन पुलिस ने जल्दी आग बुझा दी। इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई, सिर्फ कुछ लोगों को चोटें आईं।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी सिद्धार्थ गोयल ने खुद मौके पर रहकर टीम को लीड किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को शांत किया और जुलूस को आगे बढ़ाया। रात करीब 11 बजे तक हालात काबू में आ गए। पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। शहर के कुछ हिस्सों में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लगा दी गई, ताकि और लोग इकट्ठा न हों।
शांतिपूर्ण जुलूस पर डाला विघ्न
हिंदू संगठनों और आयोजकों ने कहा कि जुलूस शांतिपूर्ण था, लेकिन मस्जिद की तरफ से पहले चप्पल और पत्थर फेंके गए, जिससे यह सब हुआ। उन्होंने पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। दूसरी तरफ, पुलिस ने कहा कि जांच चल रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें पकड़ा जाएगा। एसपी गोयल ने बताया कि अब स्थिति सामान्य है और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। यह घटना शिवाजी जयंती के जश्न के दौरान हुई, जहां ज्यादातर लोग खुशी-खुशी मना रहे थे, लेकिन इस एक हिस्से ने तनाव पैदा कर दिया।











