भारत ने रावी नदी का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने की तैयारी पूरी कर ली है। यह काम शाहपुर कंडी बांध (या बैराज) प्रोजेक्ट के जरिए हो रहा है, जो अब अंतिम चरण में है।
प्रोजेक्ट क्या है और कहां है
शाहपुर कंडी बांध रावी नदी पर बना है। यह जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों के पास है, पंजाब की सीमा से सटा हुआ। पहले यहां से रावी का काफी पानी बिना इस्तेमाल के बहकर पाकिस्तान चला जाता था, खासकर माधोपुर हेडवर्क्स के नीचे से। अब इस बांध के बनने से वह अतिरिक्त पानी रोका जाएगा और भारत में ही इस्तेमाल होगा।
कब से चल रहा है काम
यह प्रोजेक्ट साल 2001 में मंजूर हुआ था, लेकिन पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच पानी बंटवारे के झगड़े से काम रुक गया। 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से दोनों राज्य सहमत हुए और काम फिर शुरू हुआ। अब जम्मू-कश्मीर के जल संसाधन मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा है कि बांध 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद रावी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान की तरफ नहीं जाएगा।
क्या होंगे फायदे
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से करीब 1150 क्यूसेक पानी को मोड़ा जा सकेगा। जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों में 32,173 हेक्टेयर (करीब 32 हजार हेक्टेयर से ज्यादा) जमीन की सिंचाई होगी। पंजाब में भी करीब 5,000 हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा। ये इलाके सूखे हैं, जहां पानी की बहुत कमी रहती है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, खेती बढ़ेगी और इलाके का विकास होगा।
सिंधु जल संधि का कनेक्शन
1960 की सिंधु जल संधि के मुताबिक, रावी, ब्यास और सतलुज (पूर्वी नदियां) पर भारत को पूरा अधिकार है। पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब (पश्चिमी नदियां) मिली हैं। इस बांध से भारत सिर्फ अपना हिस्सा इस्तेमाल कर रहा है, संधि का उल्लंघन नहीं हो रहा। लेकिन पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को सस्पेंड कर दिया था, डेटा शेयरिंग बंद की और पानी के इस्तेमाल पर ज्यादा फोकस किया।
इस परियोजना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा ने साफ कहा, “हां, पाकिस्तान की तरफ अतिरिक्त पानी (रावी का) रुक जाएगा। इसे रुकना ही है।” उन्होंने बताया कि कठुआ और सांबा सूखाग्रस्त इलाके हैं, यह प्रोजेक्ट इनके लिए प्राथमिकता है। पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन ने कहा कि यह सब संधि के दायरे में है, क्योंकि पूर्वी नदियों पर भारत का हक है। एक विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि अब पानी पाकिस्तान जाने की बजाय कठुआ की जमीन को हरा-भरा करेगा।
















