भारत में AI समिट चल रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज भारत आ रहे हैं। वे मुंबई में उतरेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी मेजबानी करेंगे। यह मुलाकात भारत-फ्रांस के रिश्तों को और मजबूत करने का एक अहम मौका है। मैक्रों तीन दिन के भारत दौरे पर आए हैं, जो पीएम मोदी के न्योते पर शुरू हुआ है। यह उनका भारत का चौथा दौरा है और मुंबई में पहली बार आ रहे हैं।
मैक्रों का आगमन और शुरुआती कार्यक्रम
मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों सोमवार रात करीब आधी रात को मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्यपालों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। आज यानी मंगलवार को उनका मुख्य कार्यक्रम मुंबई में है। दोपहर करीब 3:15 बजे लोक भवन में पीएम मोदी से उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी। इससे पहले मैक्रों मुंबई में कुछ निजी मुलाकातें और प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे, जिसमें बॉलीवुड या फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं।
भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर का उद्घाटन
दोनों नेता शाम को गेटवे ऑफ इंडिया पर भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का संयुक्त उद्घाटन करेंगे। यह सालभर चलने वाला कार्यक्रम है, जो 2026 में दोनों देशों में मनाया जाएगा। इसका फोकस इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और कल्चरल एक्सचेंज पर रहेगा। यह एक तरह से दोनों देशों के बीच नई शुरुआत का प्रतीक है।
बैठक में क्या चर्चा होगी
मुलाकात में दोनों नेता भारत-फ्रांस के स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की समीक्षा करेंगे। खास तौर पर डिफेंस, ट्रेड और टेक्नोलॉजी में सहयोग को और बढ़ाने पर बात होगी। तीन साल पहले अपनाए गए होराइजन 2047 रोडमैप के तहत अगले 25 सालों के लिए प्लान की प्रोग्रेस देखी जाएगी। डिफेंस में बड़ा अपडेट है – पिछले हफ्ते भारत सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स खरीदने का प्रस्ताव मंजूर किया था, वो गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील के तहत। आज बेंगलुरु में छठा वार्षिक रक्षा डायलॉग भी हो रहा है, जहां डिफेंस कोऑपरेशन एग्रीमेंट को अगले 10 साल के लिए रिन्यू करने की उम्मीद है। 2024 में बने डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के मुताबिक एयर और मैरीटाइम एसेट्स में ज्यादा सहयोग पर फोकस रहेगा।
ट्रेड, स्किलिंग, हेल्थ और सप्लाई चेंस जैसे क्षेत्रों में करीब दर्जन भर MoUs या एग्रीमेंट्स साइन होने वाले हैं। AI में पिछले साल फ्रांस में शुरू हुआ इंडिया-फ्रांस AI रोडमैप की भी प्रोग्रेस रिव्यू होगी। दोनों देश AI को सुरक्षित, ओपन और भरोसेमंद बनाने पर सहमत हैं।
वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे
बातचीत में रूस-यूक्रेन वॉर, गाजा की स्थिति और इंडो-पैसिफिक रीजन जैसे ग्लोबल इश्यूज भी आएंगे। फ्रांस को इंडियन ओशन में रेजिडेंट पावर मानते हुए भारत इसे इंडो-पैसिफिक में अहम पार्टनर देखता है। क्वाड जैसे ग्रुप में अनिश्चितता के बीच फ्रांस के साथ रिश्ते और मजबूत करने की कोशिश है।
आगे का कार्यक्रम
मैक्रों गुरुवार (19 फरवरी) को दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे, जहां पीएम मोदी समेत दुनिया के कई टॉप लीडर्स और टेक CEOs जैसे सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन मौजूद रहेंगे। यह समिट भारत की AI में बढ़ती ताकत को दिखाता है।













