फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले आरोपियों को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। इस वारदातम में शामिल सात लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है।
कुख्यात अंतरराष्ट्रीय अपराधी शुभम लोनकर के गिरोह ने फिल्म जगत, उद्योगपतियों एवं आम जनता में रंगदारी व वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से शूटरों के माध्यम से रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की थी। थाना जुहू, मुम्बई में एफआईआर दर्ज कर मुम्बई पुलिस द्वारा अपराधियों के गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे थे। मुम्बई पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश से अपराधियों की गिरफ्तारी में सहयोग मांगा।
यहां से पकड़े गए आरोपी
एसटीएफ को मालूम हुआ कि इस गैंग के कुछ सदस्य झज्जर, हरियाणा, आगरा व नोयडा में हैं। इस पर एसटीएफ द्वारा अलग-अलग स्थानों पर मुम्बई पुलिस के साथ टीमें रवाना की गईं। एसटीएफ फील्ड यूनिट आगरा तथा मुम्बई पुलिस की टीम के साथ एसटीएफ हरियाणा के सहयोग से जिला झज्जर से मुख्य शूटर दीपक, सनी, सोनू, रितिक, जतिन भारद्वाज एवं विशाल को गिरफ्तार किया गया।
अपराध की काली दुनिया ने किया आकर्षित
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग दहशत बनाने के लिए की गई थी। इस घटना में विष्णु कुशवाहा भी शामिल था। विष्णु के सम्बन्ध श्रीगंगानगर राजस्थान में पांच करोड़ की रंगदारी मांगने वाले शुभम लोनकर गिरोह के गोलू पंडित से हैं। गोलू पंडित को श्री गंगानगर में गोली चलाने के एवज में काफी बड़ी धनराशि मिली थी। शुभम लोनकर गैंग के फेसबुक, इस्टाग्राम पर महिमामण्डित करने वाले अकाउंट आदि को देखकर अपराध की दुनिया में नाम करने की इच्छा उत्पन्न हुई थी। इस उद्देश्य से रितिक, दीपक सोनू, जतिन और विशाल को सम्मिलित कर मुम्बई जाकर बताये गये स्थान की रेकी की गई। इसके बाद 1 फरवरी की रात गिरोह द्वारा उपलब्ध करायी गयी सेमी आटोमैटिक पिस्टल से रोहित शेट्टी के घर पर अन्धाधुन्ध फायरिंग की गयी।
बदल रहे थे ठिकाना
पुलिस से बचने के लिए वे स्थान बदल रहे थे। पूछताछ में जतिन भारद्वाज व विशाल द्वारा यह भी बताया गया कि दीपक और उसके साथियों द्वारा रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने की पूर्ण जानकारी थी। अपराधी की फरारी के दौरान जतिन भारद्वाज व विशाल द्वारा अपराधियों के छिपने, संसाधन उपलब्ध कराने आदि की व्यवस्था की जा रही थी।

















