भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है, क्योंकि हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे लगातार अपनी सेवाओं को आसान और डिजिटल बना रहा है। इसी दिशा में वर्ष 2014 में UTS मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया था, जिससे लोग घर बैठे जनरल टिकट, सीजन टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकते थे। यह ऐप यात्रियों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ। लेकिन अब लगभग दस साल बाद रेलवे ने UTS ऐप को बंद करने और उसकी जगह नया ‘RailOne’ सुपर ऐप शुरू करने का फैसला किया है। यह रेलवे की डिजिटल सेवाओं में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
UTS ऐप को 27 दिसंबर 2014 को शुरू किया गया था। उस समय यह एक नई और क्रांतिकारी सुविधा थी। पहले यात्रियों को टिकट लेने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ता था, लेकिन इस ऐप की मदद से मोबाइल फोन पर ही टिकट बुक हो जाता था। इससे समय की बचत हुई और स्टेशनों पर भीड़ भी कम हुई। खासकर लोकल ट्रेन और कम दूरी की यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह ऐप बहुत फायदेमंद रहा। सीजन टिकट की सुविधा से रोजाना सफर करने वालों को बड़ी राहत मिली।
UTS ऐप बंद, अब RailOne से मिलेगी सभी सुविधाएं- समय के साथ रेलवे की डिजिटल सेवाएं और भी बढ़ गईं। IRCTC ऐप पहले से ही रिजर्व टिकट बुकिंग के लिए मौजूद था और उसमें कई नई सुविधाएं जुड़ती चली गईं। अब रेलवे ने RailOne नाम से एक नया सुपर ऐप लॉन्च किया है, जिसमें लगभग सभी रेलवे सेवाएं एक ही जगह पर मिलेंगी। इसी वजह से अलग-अलग ऐप चलाने की जरूरत खत्म की जा रही है और UTS ऐप को बंद किया जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, 1 मार्च से UTS ऐप पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। पहले ही सीजन टिकट बुकिंग, नए यूजर रजिस्ट्रेशन, प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग और वॉलेट टॉप-अप जैसी सुविधाएं बंद की जा चुकी हैं। हालांकि ऐप अभी भी डाउनलोड के लिए उपलब्ध है, लेकिन अब उससे टिकट बुक नहीं किया जा सकेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे RailOne ऐप डाउनलोड करें और उसी का इस्तेमाल करें।
एक ऐप में सभी रेलवे सेवाएं- RailOne ऐप को ‘वन ऐप, ऑल सर्विसेज’ के विचार पर बनाया गया है। यानी एक ही ऐप पर रिजर्व टिकट, जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन की जानकारी, लाइव स्टेटस, खाने की सुविधा और शिकायत दर्ज कराने जैसी सेवाएं मिलेंगी। इससे यात्रियों को अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका काम आसान हो जाएगा। इस ऐप में लॉगिन करने के लिए पुराने IRCTC या UTS अकाउंट का ही इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे नए अकाउंट बनाने की झंझट नहीं रहेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे 1 मार्च से पहले RailOne ऐप डाउनलोड कर लें। बदलाव के दौरान मदद के लिए गाइडलाइंस और हेल्पडेस्क की सुविधा भी दी जाएगी।















