
ladyfinger cultivation in pot
भिंडी एक ऐसी सब्जी है जिसे हर कोई पसंद करता है। इसे खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ उगाना भी बहुत आसान है। अगर आप चाहें तो इसे अपने घर पर ही छोटे से बगीचे या बालकनी में उगा सकते हैं। इसके लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती और थोड़ी सी देखभाल में आप ताज़ी भिंडी का मज़ा ले सकते हैं।
बीज का चुनाव- भिंडी उगाने के लिए सबसे पहले अच्छे बीज का चुनाव करना जरूरी है। बाजार में कई तरह की भिंडी के बीज मिलते हैं। अगर आप पहली बार उगा रहे हैं, तो किसी सामान्य हरी भिंडी की किस्म चुनें, जो जल्दी बढ़ती हो और कम देखभाल में अच्छी पैदावार देती हो। भिंडी को गर्मी पसंद है, इसलिए इसे धूप वाली जगह में लगाना सबसे अच्छा है। मिट्टी हल्की और उर्वरक युक्त होनी चाहिए। आप थोड़ी गोबर की खाद या जैविक खाद मिला सकते हैं, इससे पौधा मजबूत और हरा-भरा होगा।
बीज बोना- भिंडी के बीज को सीधे मिट्टी में बोया जा सकता है। इसके लिए मिट्टी को हल्का गीला करें और बीज को लगभग 1–2 सेंटीमीटर गहरा दबाकर बो दें। बीजों के बीच 20–25 सेंटीमीटर की दूरी रखें, ताकि पौधों को बढ़ने की जगह मिले। बोने के बाद मिट्टी को हल्का दबाकर पानी दें। भिंडी को रोज़ाना हल्का पानी देना चाहिए। लेकिन पानी ज्यादा न दें, वरना जड़ें सड़ सकती हैं। पौधों के आसपास की मिट्टी को खरपतवार मुक्त रखें और समय-समय पर पौधों की जड़ के पास हल्की खाद डालें।
फूल और फल- लगभग 40–50 दिन में भिंडी के पौधों में फूल आने लगते हैं। फूल आने के बाद ही भिंडी का फल बनने लगता है। भिंडी को हल्के हाथ से तोड़ें, ताकि पौधे को नुकसान न पहुंचे। नियमित रूप से फल तोड़ने से पौधे नए फूल और फल देने लगते हैं। भिंडी को सुबह या शाम में हल्की ठंडी धूप में तोड़ना बेहतर होता है। ताज़ी भिंडी को तुरंत सब्जी बनाने में इस्तेमाल करें। घर पर उगाई भिंडी स्वाद में ज्यादा मीठी और पौष्टिक होती है।