आज के दौर में घूमना सिर्फ शौक नहीं, बल्कि सीखने, अनुभव हासिल करने और नए अवसर तलाशने का जरिया बन चुका है। हर भारतीय के मन में कभी न कभी विदेश यात्रा का सपना जरूर पलता है- कोई ऐतिहासिक जगहें देखना चाहता है, तो कोई नई संस्कृतियों को करीब से महसूस करना चाहता है। ऐसे में भारतीयों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय पासपोर्ट की ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की फरवरी 2026 की ताजा रैंकिंग में भारत ने 5 पायदान की छलांग लगाते हुए 80वें स्थान से 75वां स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि न सिर्फ आंकड़ों का खेल है, बल्कि यह दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर भारत की साख और भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती वैश्विक ताकत- साल 2026 की शुरुआत में भारत 80वें स्थान पर था, लेकिन कुछ ही महीनों में रैंकिंग में सुधार यह संकेत देता है कि अब भारतीय नागरिकों को पहले की तुलना में ज्यादा देशों में आसान प्रवेश मिल रहा है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के लगभग 200 देशों के पासपोर्ट को इस आधार पर रैंक करता है कि किसी देश का नागरिक कितने देशों में बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल के साथ यात्रा कर सकता है। इस सूची में ऊपर जाना किसी भी देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध उस देश की कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक स्वीकार्यता से होता है।
पासपोर्ट रैंकिंग में सुधार- हाल के वर्षों में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में लगातार सुधार देखा गया है। पहले जहां भारतीय नागरिकों को अधिकतर देशों में यात्रा के लिए लंबी वीजा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, वहीं अब कई देशों ने वीजा नियमों को सरल बनाया है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि यात्रा की लागत भी कम होती है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और रोजगार जैसे क्षेत्रों में इसका सीधा लाभ भारतीयों को मिल रहा है। विशेष रूप से युवा वर्ग और स्टार्टअप से जुड़े पेशेवरों के लिए यह बदलाव नए अवसरों के द्वार खोल रहा है। हालांकि, यह भी सच है कि भारत अभी अपनी ऐतिहासिक सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग से थोड़ा पीछे है। वर्ष 2006 में भारत 71वें स्थान पर था, जो अब तक की सबसे बेहतर स्थिति मानी जाती है। फिलहाल भारत 75वें स्थान पर है, यानी अभी भी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। इसके बावजूद, मौजूदा प्रगति यह स्पष्ट करती है कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें और सुधार देखने को मिल सकता है।
दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट- 2026 की टॉप-10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची में सिंगापुर, जापान, साउथ कोरिया, अमेरिका, आइसलैंड, स्वीडन, संयुक्त अरब अमीरात, बेल्जियम, डेनमार्क और फिनलैंड जैसे देश शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों को दुनिया के सबसे अधिक देशों में बिना वीजा या आसान वीजा प्रक्रिया के साथ यात्रा की सुविधा मिलती है। इसके अलावा फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के पासपोर्ट भी काफी मजबूत माने जाते हैं।











