महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करने वाली इस्लाम (इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र) पार्टी की डिप्टी मेयर निहाल अहमद विवादों में घिर गई हैं। दरअसल, इस्लाम पार्टी के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी की निहाल अहमद के ऑफिस में टीपू सुल्तान की तस्वीर को देखकर यूजर्स भड़क गए हैं। उनका कहना है कि इसकी जगह पर क्या छत्रपति शिवाजी महाराज, बाबा साहेब अंबेडकर, डॉ राजेंद्र प्रसाद, वर्तमान प्रधानमंत्री, वर्तमान राष्ट्रपति, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू या भारत के पूर्व प्रधानमंत्री के अलावा किसी और की तस्वीर नहीं हो सकती?
‘इस पैटर्न को समझना होगा’
रमेश शिंदे नाम के यूजर ने सवाल किया कि मालेगांव की डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद के कार्यालय में कट्टरपंथी टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई गई है। वहां न गांधी हैं, न नेहरू, न शाहू महाराज, न फुले, न अंबेडकर। अब इस पैटर्न को समझना होगा- जहां इस्लाम है, वहां न गांधीवाद बचता है, न राष्ट्रवाद।
टीपू सुल्तान और महाराष्ट्र का क्या संबंध
दूसरी ओर कुछ यूजर्स मालेगांव की मेयर नसरीन बनो शेख को भी आड़े हाथ ले रहे हैं। वे टीपू सुल्तान और महाराष्ट्र के बीच क्या कनेक्शन है इसको लेकर भी प्रश्न उठा रहे हैं? भूमि नाम की यूजर्स ने लिखा- इस्लाम पार्टी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का समर्थन हासिल किया है। ऐसे में मेयर और डिप्टी मेयर का ऑफिस धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। डिप्टी मेयर के ऑफिस में डॉक्टर अंबेडकर, डॉ राजेंद्र प्रसाद वर्तमान प्रधानमंत्री वर्तमान राष्ट्रपति महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू या भारत के भूतकाल के प्रधानमंत्री के अलावा किसी और की तस्वीर नहीं हो सकती क्या? इन्होंने अपने सरकारी ऑफिस में दs@रिंदे टीपू सुल्तान की तस्वीर क्यों लगाई है? टीपू सुल्तान और महाराष्ट्र का क्या संबंध है?
यह मालेगांव की डिप्टी मेयर हैं…
समीत ठक्कर नाम की यूजर ने वायरल तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “यह मालेगांव की डिप्टी मेयर हैं। राज्य के हर मंत्रिमंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गांधी, बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमाएं हैं। लेकिन इन्होंने टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई है, जिस संविधान ने आपको डिप्टी मेयर बनने का सम्मान दिया उसे बाबा साहेब अंबेडकर ने बनाया है। महात्मा गांधी, महात्मा ज्योतिबा फुले, शाहू महाराज जैसे महान व्यक्तित्वों को चुनना चाहिए, जिन्होंने समाजवाद के लिए काम किया और सकारात्मक संदेश दिया।” यूजर्स का भरोसा टूटा।
गौरतलब है कि 15 जनवरी 2026 को हुए नगर निगम चुनावों में मालेगांव से इस्लाम पार्टी ने 35 सीटें, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 21, शिवसेना ने 18, समाजवादी पार्टी ने पांच, कांग्रेस ने तीन और बीजेपी ने 2 सीटें जीती थीं। इस चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, जिसके बाद इस्लाम पार्टी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हाथ मिला लिया। उन्होंने इसे ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’ का नाम दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर को देखकर यूजर्स का भरोसा टूट गया है।

















