भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है। हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि अचानक यात्रा करनी पड़ जाती है और टिकट नहीं मिल पाता। मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक परेशानी, सरकारी काम या किसी जरूरी कारण से तुरंत सफर करना पड़े, तो वेटिंग लिस्ट और फुल बुकिंग बहुत बड़ी समस्या बन जाती है। इसी परेशानी को देखते हुए रेलवे ने एक बहुत अच्छा फैसला लिया है।
अब रेलवे वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा शुरू करने जा रही है। इससे जरूरत के समय यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने इस फैसले को लेकर सभी जोनल रेलवे को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। अभी तक इन ट्रेनों में महिला कोटा, दिव्यांग कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा और ड्यूटी पास कोटा ही उपलब्ध था। लेकिन अब इसमें इमरजेंसी कोटा भी जोड़ दिया गया है, ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को मदद मिल सके।
अमृत भारत ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा- जिन अमृत भारत ट्रेनों में 7 या उससे ज्यादा स्लीपर कोच होंगे, उनमें अधिकतम 24 बर्थ इमरजेंसी कोटे के लिए रखी जाएंगी। ये सीटें सिर्फ उन यात्रियों को दी जाएंगी, जिन्हें सच में बहुत जरूरी काम से यात्रा करनी हो। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में यह कोटा अलग-अलग श्रेणियों में तय किया गया है। प्रथम श्रेणी एसी (1A) में- सप्ताह के दिनों में 4 और सप्ताहांत में 6 बर्थ। द्वितीय एसी (2A) में- वीकडे में 20 और वीकेंड में 30 बर्थ। तृतीय एसी (3A) में- वीकडे में 24 और वीकेंड में 42 बर्थ। वीकेंड पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है, इसलिए उस समय ज्यादा सीटें रखी गई हैं।
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बुकिंग कब से शुरू होगी- यह कोटा टिकट बुकिंग शुरू होने के साथ ही लागू हो जाएगा। यानी जैसे ही रिजर्वेशन खुलेगा, उसी समय से इमरजेंसी कोटा भी उपलब्ध रहेगा। इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा, जिन्हें अचानक सफर करना पड़ता है, जैसे – मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक संकट जरूरी सरकारी काम आदि। इससे समय पर यात्रा संभव होगी और तनाव भी कम होगा। वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इमरजेंसी कोटा यात्रियों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होगा। यह रेलवे का एक सराहनीय कदम है। हालांकि यह कोटा सीमित रहेगा और केवल जरूरतमंद लोगों को ही दिया जाएगा, ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो।

















