रामनगर: प्रसिद्ध गर्जिया माता मंदिर के बाढ़ सुरक्षा और पुनर्निर्माण कार्य में हो रही देरी पर डीएम ललित मोहन रयाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए सिंचाई विभाग के अभियंताओं के पेच कसे हैं। डीएम की फटकार सुनने के बाद सिचाई विभाग के चीफ इंजीनियर संजय शुक्ल ने गार्जियमंदिर क्षेत्र में कोसी नदी और मंदिर की बाढ़ सुरक्षा कार्यों का अवलोकन किया।
उन्होंने ठेकेदार और अधीनस्थ विभागीय अधिकारियों को सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है पिछली बारिश के दौरान कोसी नदी के तेज जल प्रवाह से मंदिर के टीले के एक तरफ से भू कटाव हुआ था। जिसकी मरम्मत का
का काम गर्जिया देवी मंदिर के टीले की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, फिलहाल मंदिर में जाने के लिए श्रद्धालुओं को रोका गया है ताकि काम में विघ्न न पड़े। हर रोज यहां हजारों श्रद्धालु, पर्यटक गर्जिया माता मंदिर पहुंचते हैं।
सिंचाई विभाग और आईआईटी रुड़की की टीम ने मिलकर करीब 11 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की थी, जिसे शासन से मंजूरी मिलने के बाद ये काम कराया जा रहा है।











