सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी भारत दौरे पर हैं। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसके साथ ही भारत ने हिंद महासागर के पड़ोसी देश को उसकी समुद्री सुरक्षा और रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने में लगातार समर्थन और सहायता देने की बात दोहराई।
50 मिलियन ग्रांट के तौर पर दिए जाएंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी से बातचीत के बाद ये स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज का ऐलान किया। ये पैकेज सेशेल्स की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कुल 175 मिलियन डॉलर में से 125 मिलियन डॉलर रुपए में लाइन ऑफ क्रेडिट के तौर पर और 50 मिलियन डॉलर ग्रांट के रूप में दिए जाएंगे।
इस पैकेज से सेशेल्स में कई ठोस परियोजनाओं को सपोर्ट मिलेगा। इसमें सोशल हाउसिंग (सामाजिक आवास), ई-मॉबिलिटी (इलेक्ट्रिक वाहन और ट्रांसपोर्ट), वोकेशनल ट्रेनिंग (कौशल प्रशिक्षण), स्वास्थ्य सेवाएं, डिफेंस, मैरिटाइम सिक्योरिटी शामिल हैं। खास बात ये है कि इससे खासकर सेशेल्स के युवाओं को नौकरियां और स्किल डेवलपमेंट के मौके मिलेंगे। साथ ही खाद्य सुरक्षा के तौर पर 1,000 टन अनाज और दालें भी देने की बात कही गई है।
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7 समझौतों पर हस्ताक्षर
दोनों नेताओं की मौजूदगी में 7 अहम समझौते हुए, जो अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- ओशन ऑब्जर्वेशन, ओशन सर्विसेज, कैपेसिटी बिल्डिंग, डेटा शेयरिंग और मैरिटाइम साइंटिफिक रिसर्च के लिए समझौता।
- सेशेल्स में हाइड्रोग्राफिक यूनिट स्थापित करने में भारतीय मदद।
- डिजिटल सॉल्यूशंस और फिनटेक में सहयोग।
- सिविल सर्विसेज ट्रेनिंग।
- रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट रेजिलिएंस।
- फार्मास्यूटिकल्स और फूड प्रोक्योरमेंट से जुड़े मामले।
- पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज और कल्चरल कोऑपरेशन (2026-2030 तक)।
ये समझौते दोनों देशों के बीच डिजिटल गवर्नेंस, ब्लू इकोनॉमी, सस्टेनेबिलिटी और लोगों के बीच जुड़ाव को मजबूत करेंगे।
मैरिटाइम सिक्योरिटी और क्षेत्रीय सहयोग पर नजर
पीएम मोदी ने कहा कि डिफेंस कोऑपरेशन और मैरिटाइम सिक्योरिटी दोनों देशों के रिश्ते के मजबूत स्तंभ हैं। भारत सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और डिफेंस जरूरतों में लगातार सपोर्ट देता रहेगा। सेशेल्स को कोलंबो सिक्योरिटी कॉनक्लेव का फुल मेंबर बनने पर स्वागत किया गया, जिससे इंडियन ओशन में बेहतर कोऑर्डिनेशन और शांति बनी रहे। दोनों देशों ने फ्री, ओपन, सेफ और सिक्योर इंडियन ओशन रीजन की बात की, जहां इंटरनेशनल लॉ, फ्रीडम ऑफ नेविगेशन और रूल्स-बेस्ड ऑर्डर का पालन हो। पाइरेसी, ड्रग्स स्मगलिंग, ह्यूमन ट्रैफिकिंग, इललीगल फिशिंग, ट्रांसनेशनल क्राइम और टेरर फाइनेंसिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मैरिटाइम डोमेन अवेयरनेस, इन्फॉर्मेशन शेयरिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग और कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशंस बढ़ाने पर सहमति बनी।
ट्रेड और आर्थिक सहयोग
दोनों तरफ से लोकल करेंसी में ट्रेड बढ़ाने, फिनटेक और डिजिटल सॉल्यूशंस में साथ काम करने की बात हुई। रिश्ते को ज्योग्राफी, हिस्ट्री, ट्रस्ट और कॉमन विजन से जोड़ा गया है। ये पार्टनरशिप पीपल-सेंट्रिक है और वेस्टर्न इंडियन ओशन में सिक्योरिटी और प्रॉस्पेरिटी के लिए अहम है।












