हरियाणा के फरीदाबाद में नीमका जेल के अंदर एक झगड़े के दौरान आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई। यह घटना हाल ही में हुई, जहां जेल के भीतर ही किसी ने उस पर नुकीले हथियार से हमला किया। अब्दुल रहमान वही शख्स था, जिसे पिछले साल मार्च में राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
कौन था आतंकी अब्दुल रहमान?
आतंकी अब्दुल रहमान करीब 19 साल का था। वह फरीदाबाद के पाली इलाके में रह रहा था। मार्च 2025 में गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और हरियाणा की पलवल/फरीदाबाद एसटीएफ ने मिलकर उसे गिरफ्तार किया। उस समय उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड और लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। वह एक खंडहरनुमा मकान या टिन शेड में छिपा हुआ था, जहां से एसटीएफ ने उसे पकड़ा।
राम मंदिर पर हमले की साजिश
पूछताछ में अब्दुल रहमान ने बताया कि उसका मकसद अयोध्या के राम मंदिर पर हमला करना था। उसे इसके लिए पहले एक लाख रुपये दिए गए थे, और काम पूरा होने पर और पैसे मिलने थे। यह रकम अयोध्या के आसपास ही दी गई थी। वह टेलीग्राम ऐप के जरिए अपने हैंडलर से संपर्क में रहता था। हैंडलर ने उसे ग्रेनेड दिए थे और हमले की प्लानिंग करवाई थी। कुछ रिपोर्ट्स में उसका लिंक ISIS या अन्य जिहादी ग्रुप्स से बताया गया, लेकिन हैंडलर का नाम या पूरी डिटेल वह नहीं बता पाया। साजिश को अंजाम देने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। उसके फोन में कुछ संदिग्ध वीडियो और बैन ऐप्स भी मिले थे।
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2 मार्च को किया गया था गिरफ्तार
2 मार्च 2025 को संयुक्त ऑपरेशन में उसे गिरफ्तार किया गया। उसके बाद उसे UAPA के तहत केस दर्ज कर फरीदाबाद की नीमका जेल में रखा गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। जेल में वह कुछ महीनों से बंद था।
जेल में क्या हुआ?
नीमका जेल में अन्य कैदियों के साथ झगड़ा हो गया। इसी दौरान किसी ने नुकीले हथियार से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हत्यारे या वजह की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।यह पूरी घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक पुरानी साजिश से जुड़ी हुई है, जो राम मंदिर को निशाना बनाने की थी, लेकिन अब जेल के अंदर हुई इस हत्या ने नया मोड़ ले लिया है।












