कर्णावती: गुजरात एटीएस ने बीते रविवार को गांधीनगर के पास अडालज से एक आतंकवादी को हथियारों और अरंडी के बीजों के साथ गिरफ्तार किया और इस गिरफ्तारी से एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ। हैदराबाद से आए आतंकवादी अहमद मोहिउद्दीन सैयद से पूछताछ में दो अन्य आतंकवादियों के नाम सामने आए, जो उत्तर प्रदेश से गुजरात में हथियार मुहैया कराने आए थे। इन दोनों आतंकवादियों को एटीएस ने बनासकांठा के पालनपुर से गिरफ्तार किया। ये तीनों आतंकवादी 17 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं, लेकिन यह जानना दिलचस्प होगा कि एटीएस इन आतंकवादियों तक कैसे पहुँची और इस पूछताछ में क्या-क्या जानकारियाँ सामने आ सकती हैं।
हैदराबाद से हथियार और अरंडी का तेल लाया मोहिउद्दीन
गुजरात एटीएस को 7 नवंबर को सूचना मिलती है कि राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से जुड़ा एक संदिग्ध व्यक्ति गुजरात आया है। एटीएस ने सूचना की पुष्टि की और तकनीकी विश्लेषण करके संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों की जाँच की। रात करीब 9 बजे एटीएस ने मोहिउद्दीन को कलोल की ओर जाते देखा, जिसके आधार पर एटीएस ने उसे गिरफ्तार करने की योजना बनाई। एक पुलिस निरीक्षक को उसकी टीम के साथ अडालज टोल बूथ पर भेजा गया, जहाँ पूरी टीम ने निगरानी स्थापित कर दी थी। पुलिस निरीक्षक ने संदिग्ध कार को देखते ही 3 टोल बूथ बंद करा दिए ताकि संदिग्ध कार ट्रैफिक जाम में फँस जाए और पुलिस को जाँच का समय मिल जाए। पुलिस ने ट्रैफिक जाम में फंसी कार की जाँच की और उन्हें एक डिब्बा मिला जो अच्छी तरह से पैक किया हुआ था। डिब्बे में 3 हथियार थे और कार में बिसलेरी का 10 लीटर का कंटेनर भी था। इस कंटेनर में 5 लीटर तरल पदार्थ भरा था जो असल में अरंडी का तेल था, जिसका खुलासा बाद में हुआ। हथियार मिलते ही पुलिस ने हैदराबाद से हथियार और अरंडी का तेल लेकर आए मोहिउद्दीन को पूछताछ के लिए उठा लिया और पूरी साज़िश का पर्दाफ़ाश हो गया।
मोहिउद्दीन के फोन से मिले अहम सुराग
मोहिउद्दीन के फ़ोन की जाँच करने पर उन्हें व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट मिले, जिनमें से एक अफगानिस्तान के अबू ख़दीजा के साथ थी, जो मोहिउद्दीन का बॉस था। ख़दीजा ने मोहिउद्दीन को गुजरात के कलोल से हथियार लाने का निर्देश दिया था और अगर हथियार नहीं मिले, तो उसने उसे गुजरात में संपर्क नंबर भी दिया था। इन दोनों संपर्क नंबरों की लोकेशन ट्रेस करने पर पालनपुर में लोकेशन दिखा, जिसके बाद पुलिस ने पालनपुर के होटलों में छापेमारी की और उत्तर प्रदेश से आए आज़ाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आतंकियों से पूछताछ में पता चला कि विदेशी आका ने आजाद और सुहेल को राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार लेने की सूचना दी थी। वहां पर भी एक खास जगह पर हथियारों को छिपाकर रखा गया था जहां से दोनों आतंकियों ने हथियार उठाकर कलोल में छिपाए थे।
मोहिउद्दीन अपने विदेशी आका अबू खदीजा के आदेश पर गुजरात के कलोल में हथियार लेने आया था। कलोल के एक कब्रिस्तान के पास छिपाए हुए हथियार उसे लेने थे। और कार से बरामद हुए हथियार वह वही से लाया था। यह हथियार आजाद और सुहैल ने कलोल में छिपाए थे। विदेशी आका आतंकियों को सारा काम एकसाथ नहीं बताता था। सभी आतंकी एकदूसरे से मिले बिना ही पूरा काम निपटा दे इस प्रकार का आयोजन विदेशी आका ने किया हुआ था। जिस प्रकार मोहिउद्दीन ने कलोल से कब्रिस्तान के पास से छिपाए हुए हथियार उठाए इसी प्रकार आजाद और सुहेल ने राजस्थान से भी छिपाकर रखे हुए हथियार ही उठाए थे। पुलिस फिलहाल ऐसा अनुमान लगा रही है कि हनुमानगढ़ पाकिस्तान बॉर्डर से जुदा हुआ जिला है और इसलिए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों को बॉर्डर क्रॉस करवाया गया और बाद में आजाद और सुहैल तक हथियार पहुंचाए गए।
अहमदाबाद में आतंकियों ने की थी रेकी
तीनों आतंकियों ने अहमदाबाद, दिल्ली और लखनऊ में जाकर अलग अलग जगहों की रेकी की थी। इन तीनों शहरों में वह किसी बड़े आतंकी षडयंत्र को अंजाम देने के इरादे से रेकी करने गए थे और लंबे समय तक रुके थे। लखनऊ में आतंकियों ने RSS के कार्यालय की रेकी की थी। दिल्ली में आजाद मंडी और अहमदाबाद में भीड़भाड़ वाली बाजारों की रेकी की थी। दोनों आतंकियों ने भीड़ भाड़वाली जगहों के वीडियो और फोटो भी लिए थे। नरोड़ा फ्रूट मार्केट की भी रेकी की थी। आतंकियों की जम्मू कश्मीर के संवेदनशील विस्तारों में भी गतिविधि सामने आई है। मोहिउद्दीन आतंकी प्रवृति करना चाहता था और इसके लिए उसे हथियार और फंड की जरूरत थी जिसके चलते वह आका खदीजा के संपर्क में आया। फंड और हथियार मिलने पर मोहिउद्दीन आतंकियों की रिक्रूटमेंट करना चाह रहा था। तीनों आतंकी कट्टर मानसिकता रखते है और कट्टरता के लिए तीनों कुछ भी करने को तैयार थे। मोहिउद्दीन कट्टरवादियों का ग्रुप बनाता था जिसमें वह युवाओं को भी जोड़ता था। यह तीनों आतंकी वॉट्सएप और टेलीग्राम से एकदूसरे से बात करते थे। उस चेट के मुताबिक तीनों बहुत सारे मुसलमानों को इकठ्ठा करके दुश्मन से बदला लेने की बाते करते थे।
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चीन से आतंकी मोहिउद्दीन किया था MBBS
मोहिउद्दीन ने चाइना से MBBS किया है और वह बाकी के दो आतंकियों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आया था। वह 7 नवंबर को ही अहमदाबाद में आ गया था और जुहापुरा में एक होटल में रुका हुआ था। उसे आगे कहा और क्या करना है उसकी कोई जानकारी नहीं थी। मोहिउद्दीन और उसके एक्सपर्ट लोगों की टीम साइनाइड से भी ज्यादा जहरीला राइजिन जहर तैयार करने में लगे हुए थे। इस जहर को वह पावडर के फॉर्म में खाने की चीजों में और लिक्विड फॉर्म में पानी में मिलाकर बहुत बड़ा नरसंहार करने का प्लान बना रहे थे। लेकिन उनके मंसूबे पार होने से पहले ही पुलिस ने उनको दबोच लिया। इनका आका इस्लामिक स्टेट खोरसन प्रोविंस संगठन चलाता है और इसके आतंकी गुजरात समेत देशभर में सक्रिय है।
मंगलवार शाम को ATS तीनों आतंकियों को रिकंस्ट्रक्शन के लिए लेकर गई थी। तीनों आतंकी किस आतंकी संगठन से कबसे जुड़े है, कहा से फंड और हथियार लाए थे और कहा इस्तेमाल करना चाहते थे, और कौन कौन लोग इनसे जुड़े हुए है इन सभी पहलुओं पर फिलहाल ATS आतंकियों की पूछताछ कर रहा है। इसके अलावा दिल्ली में हुए कार धमाके से इन तीनों आतंकियों का कोई कनेक्शन है कि नहीं इस दिशा में भी जांच चल रही है।

















