मध्य प्रदेश

कूनो नेशनल पार्क में खुशखबरी: चीता आशा ने दिए 5 शावकों को जन्म, भारत में चीतों की संख्या 35 हुई

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीता आशा ने दूसरी बार 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। प्रोजेक्ट चीता की बड़ी सफलता, भारत में जन्मे चीतों की संख्या 24 और कुल 35 पहुंची। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी जानकारी।

Published by
कुलदीप सिंह

मध्य प्रदेश कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खबर प्रकाश में आई है, जहां चीता आशा ने पांच शावकों को जन्म दिया है। यह खबर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से आई है, जहां कूनो पार्क स्थित है। नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा ने 7 फरवरी 2026 को पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। यह दूसरी बार है जब आशा मां बनी है।

नामीबिया से भारत लाई गई थी आशा

आशा को 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से भारत लाया गया था। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर इसका नाम आशा रखा था। नामीबिया के चीता कंजर्वेशन फंड के पास से पकड़ी गई थी। भारत आने के बाद शुरुआत में उसकी सेहत को लेकर कुछ चिंता हुई थी। मेडिकल टीम ने इलाज किया, उसके बाद वो पूरी तरह ठीक हो गई। अब वो अच्छे से शिकार करती है और पार्क में सामान्य जीवन जी रही है।

नए शावकों की स्थिति

रिपोर्ट्स के अनुसार, पांचों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। जन्म बड़े प्रीडेटर-फ्री एनक्लोजर में हुआ। वन विभाग और वाइल्डलाइफ डॉक्टर 24 घंटे इन पर नजर रखे हुए हैं। स्टाफ उनके व्यवहार, खाने-पीने और हेल्थ चेक कर रहा है। अभी तक सब कुछ नॉर्मल चल रहा है। जानकारी को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है।

भारत में चीतों की संख्या बढ़कर हुई 24

इन पांच नए शावकों के आने से कूनो में भारत में जन्मे चीतों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। पूरे देश में चीतों की कुल संख्या अब 35 पहुंच गई है। यह प्रोजेक्ट चीता के तहत आठवीं सफल लिटर (बच्चों का जन्म) है। अफ्रीका से लाए गए चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम में यह काफी अच्छा संकेत है कि चीते भारतीय मौसम और परिस्थितियों में अच्छे से ढल रहे हैं।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने इसे प्रोजेक्ट चीता की बड़ी सफलता बताया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे संरक्षण प्रयासों का जिक्र किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इसे राज्य और देश के लिए गर्व का पल कहा। उन्होंने वन स्टाफ और डॉक्टरों की मेहनत की तारीफ की। यह चीतों को भारत में फिर से बसाने की कोशिशों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। लगातार सफल ब्रीडिंग से उम्मीद बढ़ रही है कि आने वाले समय में चीतों की आबादी और मजबूत होगी। अभी पार्क में निगरानी जारी है ताकि मां और बच्चों का ख्याल रखा जा सके।

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