आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण ने सनातन धर्म का मजाक उड़ाने और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वालों के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया है। उन्होंने शुक्रवार (6 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हर भक्त का एक धार्मिक उत्तरदायित्व होता है। और अब समय है कि हम अपनी उस सोच से बाहर आएं, जहां भगवान में आस्था तो है, लेकिन जब हमारे देवताओं या धर्म का मजाक उड़ाया जाता है, तो हम दुखी होते हैं, लेकिन अपनी पीड़ा को व्यक्त किए बिना ही, उसे कर्म पर छोड़ आगे बढ़ जाते हैं। अब ये बदलना चाहिए।”
‘अपनी आस्था का सजग रक्षक बनना होगा’
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री आगे लिखते हैं, “हम भले ही जाति, भाषा, क्षेत्र या पंथ से अलग हों, लेकिन हमारा धर्म एक है और हमारे आराध्य भी। जब कोई जानबूझकर हमारे धर्म और आस्था का अपमान करता है, तो उस दर्द को, उस पीड़ा को कहना और सामने रखना जरूरी है। ऐसे में चुप रहने से हमारी आवाज, जो कि हिन्दू धर्म की आवाज है, कमजोर होती है। सिर्फ भक्त होना ही काफी नहीं है, हमें अपनी आस्था का सजग रक्षक भी बनना होगा।”
पवन कल्याण ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म की रक्षा का मतलब, किसी दूसरे धर्म के खिलाफ होना नहीं है या उसका अपमान करना नहीं है, बल्कि अपने धर्म की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना है।
क्या कहता है संविधान का अनुच्छेद 25?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। यानी अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है। यह हर व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन किसी भी धर्म या देवी-देवता का अपमान करना दंडनीय अपराध है।
तेलंगाना के मंदिर में शौच किया
पश्चिम बंगाल, तेलंगाना समेत कई राज्यों से ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जब कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाया गया है। सवाल यह है कि आखिर हिंदू मंदिरों और उसके आसपास ही ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं? ताजा घटना इस साल जनवरी की है। कांग्रेस शासित तेलंगाना के हैदराबाद में कट्टामैसम्मा देवी मंदिर के पास एक मुस्लिम व्यक्ति ने पेशाब करके उसे अपवित्र किया। इससे इलाके में तनाव फैल गया और हिंदू संगठनों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। हालांकि कुछ लोगों ने आरोपी को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताकर उसका बचाव किया।
‘सनातन धर्म को बदनाम करने वालों का सहयोग नहीं करेंगे’
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अक्टूबर 2024 में देश के सभी मंदिरों में प्रसाद और प्रसाद में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘सनातन धर्म प्रमाणन’ प्रणाली का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने तिरुपति में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए सनातन धर्म को बदनाम करने या उसके खिलाफ नफरत भड़काने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों व संगठनों के साथ सहयोग नहीं करने की बात कही थी।

















