उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में एक नाबालिग लड़की का ब्रेनवाश करके उसे आईवीएफ सेंटर में एडमिट किया गया था। पीड़िता की मां का आरोप है कि मेडिकल प्रोसीजर करके दौरान लड़की के अंडाणु निकल गए ताकि आईवीएफ तकनीक से किसी अन्य महिला को बच्चा पैदा कराया जा सके। पीड़िता की मां का आरोप है कि पिछले काफी समय से उनकी नाबालिग बेटी, मुस्लिम लड़की के संपर्क में थी। मुस्लिम लड़की ने ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रथम दृष्टया यह मामला कन्वर्जन से भी जुड़ा हुआ दिख रहा है।
आईफोन का लालच
पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि नाबालिग लड़की को ब्रेनवाश करके उसे कुछ पैसे और आई फोन का लालच दिया गया था। इस दौरान नाबालिग लड़की गत 15 जनवरी को घर से गायब हो गई थी। काफी ढूंढने के बाद जब वह नहीं मिली तो उसकी मां ने प्रयागराज जनपद के नवाबगंज थाने पर पुलिस में शिकायत की। इस बीच लगातार उसको ढूंढने का प्रयास किया जाता रहा। गत 21 जनवरी को यह मालूम हुआ कि पीड़िता प्रयागराज जनपद के सिविल लाइन थाना अंतर्गत एक आईवीएफ सेंटर में एडमिट है। वहां पहुंचकर पीड़िता की मां ने उससे मुलाकात की। तब उसको पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। लड़की ने अपनी मां को बताया कि उसकी मुस्लिम दोस्त ने उसको एक आईफोन और कुछ पैसे देने का वादा किया है।
इसके बाद उसकी मां अपने घर वापस ले आई। जानकारी के अनुसार, मुस्लिम लड़की प्रयागराज जनपद के करेली थाना क्षेत्र की रहने वाली है। यह प्रकरण संज्ञान में आने के बाद पुलिस जांच कर रही है। पुलिस तीन बिंदुओं पर प्रमुखता से जांच कर रही है, जिसमें पहला यह है कि कितनी लड़कियां इस प्रकार से शिकार हो चुकी हैं? दूसरा यह कि क्या कोई सेक्स रैकेट उसके पीछे काम कर रहा है? और तीसरा बिंदु यह है कि क्या कन्वर्जन के लिए ब्रेनवाश किया जा रहा था?
फिलहाल, पीड़िता को शेल्टर होम में रखा गया है। उसका मेडिकल कराया जा रहा है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने मां और बेटी दोनों का बयान अपने कोर्ट में दर्ज किया है। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र का कहना है कि चाइल्ड लाइन के जरिए लड़की के बारे में सूचना मिली थी। पीड़िता को शेल्टर होम में रखा गया है।











