नासा ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मशहूर पिलर्स ऑफ क्रिएशन की खूबसूरत इंफ्रारेड तस्वीर जारी की है। यह अंतरिक्ष में मौजूद गैस और धूल के लंबे-लंबे स्तंभनुमा ढांचे होते हैं, जिनके भीतर नए तारे जन्म लेते हैं। इस तस्वीर को यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं और इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कोई इसमें भगवान शिव, कोई विष्णु तो कोई श्री कृष्णा देख रहा है।
दरअसल, नासा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह तस्वीर शनिवार (31 जनवरी) को शेयर की, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। नासा ने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, “यह एक पहाड़ है। इस तस्वीर को नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप द्वारा कैप्चर किया गया है।

कैरिना नेबुला में स्थित तारों का निर्माण करने वाले इन गैस और धूल के विशाल स्तंभों को ‘मिस्टिक माउंटेन’ के नाम से जाना जाता है। इन स्तंभों की ऊंचाई लगभग तीन प्रकाश वर्ष है। यह पृथ्वी से लगभग 7,500 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। तस्वीर में दिखाई दे रहा रहस्यमयी पहाड़ तीन प्रकाश-वर्ष की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इस पहाड़ के चारों ओर ब्रह्मांडीय उथल-पुथल है, क्योंकि यहां मौजूद तारों के तीव्र विकिरण और गैस के कारण नए तारों का जन्म हो रहा है।
नासा ने आगे तस्वीर का विवरण देते हुए बताया कि यह मनोरम दृश्य गैस और धूल के एक लंबे-लंबे स्तंभनुमा ढांचे को दिखाता है, जिसका रंग गेरुआ है, जो सपनों जैसे नीले बादलों व लाल तारों की पृष्ठभूमि पर ऊपर की ओर फैला हुआ है। पृष्ठभूमि के बादलों के टुकड़े स्तंभ के चारों ओर लिपटे हुए हैं, जिससे यह एक धुंधले पहाड़ जैसा दिखता है। स्तंभ बहुत बनावट वाला और बहु-आयामी है।
बता दें कि कैरिना दक्षिणी आकाश में स्थित एक प्रमुख तारामंडल है, जिसे लैटिन में द कील कहा जाता है।
पिलर्स ऑफ क्रिएशन तस्वीर देखते ही यूजर्स बोले- हर-हर महादेव
इस तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने इसे भोलेनाथ, हर-हर महादेव और भगवान शंकर की छवि कहा। सत्यम नाम के यूजर ने इस तस्वीर को श्री कृष्णा की तस्वीर बताया। वहीं सोनू वर्मा नाम के यूजर ने इस तस्वीर पर हरे कृष्णा, हरे राम कमेंट किया। हालांकि यह नासा की ओर से जारी की गई कोई पहली पिलर्स ऑफ क्रिएशन नहीं है। इससे पहले भी नासा इस तरह की कई खूबसूरत तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर चुका है। बताया जाता है कि नासा ने सबसे पहले पिलर्स ऑफ क्रिएशन साल 1995 में जारी की थी। उस समय की तस्वीर तीन अलग-अलग तस्वीरों को मिला कर बनाई गई थी।
क्या है हबल स्पेस टेलीस्कोप की खासियत?
हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) एक अंतरिक्ष दूरबीन है। इसे साल 1990 में पृथ्वी की निचली कक्षा में लॉन्च किया गया था। यह तब से लगातार ऑपरेशन में है। हालांकि, यह विश्व का पहला अंतरिक्ष दूरबीन नहीं था, लेकिन सबसे बड़े और बहुमुखी दूरबीनों में से एक है। हबल एकमात्र ऐसा टेलीस्कोप है, जिसे अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा अंतरिक्ष में बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण शोध उपकरण के रूप में किया गया है। हबल टेलीस्कोप का नाम खगोलशास्त्री एडविन हबल के नाम पर रखा गया है। यह नासा की महान वेधशालाओं में से एक है।

















