वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में इनकम टैक्स से जुड़े कई बड़े और अहम बदलावों की घोषणा की है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और आम लोगों के लिए आसान बनाना है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार एक नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लेकर आई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह नया कानून 1961 के पुराने इनकम टैक्स एक्ट की जगह लेगा, जो लगभग 60 साल से लागू था।
टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत- सरकार ने बताया कि नया एक्ट सरल भाषा में लिखा गया है ताकि आम टैक्सपेयर्स इसे आसानी से समझ सकें। पुराने कानून में कई जटिल शब्द और अस्पष्ट नियम थे, जिन्हें हटाया गया है। इसके साथ ही सेक्शन्स और टेक्स्ट की मात्रा लगभग 50 प्रतिशत तक कम कर दी गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब ‘प्रीवियस ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ जैसी पुरानी अवधारणाएं खत्म कर दी गई हैं। अब केवल एक ही शब्द इस्तेमाल होगा- ‘टैक्स ईयर’। इससे टैक्स भरने की प्रक्रिया और ज्यादा साफ और आसान हो जाएगी।
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TDS रिफंड अब आसान- सरकार ने टैक्सपेयर्स को एक और बड़ी राहत दी है। अब अगर कोई व्यक्ति ITR देर से भी फाइल करता है, तब भी वह TDS रिफंड क्लेम कर सकता है और इसके लिए कोई अतिरिक्त पेनल्टी नहीं लगेगी। इससे उन लोगों को फायदा होगा जो किसी कारण से समय पर रिटर्न नहीं भर पाते थे। इसके अलावा टैक्स फॉर्म्स और नियमों को भी सरल बनाया जा रहा है ताकि आम आदमी के लिए टैक्स कंप्लायंस करना मुश्किल न रहे। सरकार का लक्ष्य मुकदमेबाजी और टैक्स विवादों को कम करना है। पुराने जटिल नियमों के कारण जो समस्याएं होती थीं, उन्हें खत्म करने की कोशिश की गई है। छोटे टैक्सपेयर्स जैसे स्टूडेंट्स, टेक प्रोफेशनल्स और विदेश में रहने वाले नए NRIs के लिए सरकार ने 6 महीने की फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम शुरू की है। इसके तहत लोग अपनी विदेशी संपत्ति या विदेशी इनकम को स्वेच्छा से घोषित कर सकते हैं और बिना ज्यादा सजा के उसे नियमित कर सकते हैं। इससे ईमानदार रिपोर्टिंग को बढ़ावा मिलेगा।
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कॉरपोरेट टैक्स में राहत- कॉरपोरेट सेक्टर के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) की दर 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही 1 अप्रैल 2026 से MAT को फाइनल टैक्स माना जाएगा और इसका क्रेडिट आगे नहीं ले जाया जा सकेगा। अपील के दौरान टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए सरकार ने कहा है कि पहले अपीलेट अथॉरिटी के सामने पेनल्टी अमाउंट पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे अपील का नतीजा कुछ भी हो। इसके अलावा नोटिफाइड कोऑपरेटिव्स को भी फायदा दिया गया है। 31 जनवरी 2026 तक किए गए निवेश पर मिलने वाले डिविडेंड इनकम पर 3 साल की टैक्स छूट मिलेगी। बजट में हेल्थकेयर और पर्यटन से जुड़े ऐलान भी किए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स की क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी और इमरजेंसी व ट्रॉमा केयर सेंटर्स बनाए जाएंगे। साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में इकोलॉजिकल सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।

















