शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम के तेवर एक बार फिर बदलने जा रहे हैं और अगले 24 घंटों में राज्य के सभी 12 जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ तूफान व बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। चार फरवरी से मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है।
शनिवार को कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। कुछ जगहों पर धूप भी निकल है। हालांकि ठंड का असर बना हुआ है। एक फरवरी को मौसम सबसे ज्यादा खराब रहेगा और भारी बारिश-बर्फबारी व तूफान का कहर देखने को मिल सकता है। दो व तीन फरवरी को भी बादलों के बरसने का अनुमान है। जनवरी महीने में इस बार सामान्य से करीब 29 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अब तक दो बार भारी हिमपात हो चुका जिससे जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। लगातार खराब मौसम का असर सड़कों, बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी साफ नजर आ रहा है।
प्रदेश में अभी भी तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 482 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं। जिससे कई इलाकों का संपर्क कटा हुआ है। बिजली व्यवस्था भी प्रभावित है और 400 से अधिक ट्रांसफार्मरों के खराब होने के कारण कई क्षेत्रों में बिजली गुल है। वहीं 62 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। जिलाबार स्थिति देखें तो कुल्लू में एक और लाहौल-स्पीति में दो राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं, जबकि लाहौल-स्पीति जिले में सबसे अधिक 271 सड़कें बंद पड़ी हैं। मंडी जिले में 67, कुल्लू में 57, शिमला में 40 और चंबा में 35 सड़कें बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। कुल्लू में 187, शिमला में 116, मंडी में 57 और चंबा में 50 ट्रांसफार्मर खराब हैं। शिमला जिले में 50 पेयजल योजनाएं ठप होने से पानी की आपूर्ति प्रभावित है।














