नई दिल्ली (हि.स.) । पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) ने साफ किया है कि राज्य में पिछले साल दिसंबर से अबतक निपाह वायरस के सिर्फ दो मामलों की पुष्टि हुई। जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर तुरंत ज़रूरी स्वास्थ्य कदम उठाए।
196 लोगों की पहचान, सभी की रिपोर्ट नेगेटिव
इन मरीजों के संपर्क में आए 196 लोगों की पहचान की गई, उनकी जांच की गई और निगरानी रखी गई।
सभी 196 लोग स्वस्थ हैं, उनमें कोई लक्षण नहीं हैं और सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
मीडिया में फैल रहे गलत आंकड़ों पर एनसीडीसी की आपत्ति
एनसीडीसी ने साफ किया है कि मीडिया में कुछ जगहों पर निपाह को लेकर गलत और अनुमान पर आधारित आंकड़े फैलाए जा रहे हैं, जो सही नहीं हैं।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
फिलहाल कोई नया निपाह मामला नहीं मिला है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की जनता से अपील
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि केवल सरकारी और भरोसेमंद स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहें न फैलाएं।
निपाह वायरस क्या है और कितना खतरनाक है
उल्लेखनीय है कि निपाह वारयस जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बेहद संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमित चमगादड़ से इंसानों में फैल सकता है। लेकिन यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है।
निपाह वायरस की मृत्यु दर और इलाज की स्थिति
निपाह वायरस से संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर 75 प्रतिशत तक बताई जाती है और फिलहाल इसका कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
निपाह वायरस के लक्षण और सतर्कता की आवश्यकता
निपाह वायरस के लक्षण शुरुआती दौर में सामान्य बुखार से लेकर दिमाग की गंभीर सूजन तक हो सकते हैं। ऐसे में इसके खतरे, लक्षण, फैलने के तरीके और बचाव के उपायों को समझना हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि समय रहते सतर्कता बरती जा सके और संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके।
















