निर्माणाधीन बजरंग सेतु उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी पर बन रहा आधुनिक ग्लास ब्रिज है, जो लक्ष्मण झूला का मजबूत विकल्प बनेगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि ये सेतु गंगा पर पर्यटन तीर्थाटन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
ये ब्रिज गंगा के ऊपर 132.30 मीटर लंबा केबल सस्पेंशन ब्रिज 68.86 करोड़ रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर द्वारा 2022 में शुरू हुआ। ग्लास फ्लोर वाला डिजाइन श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए बनाया गया है, जिसमें बहु-स्तरीय मजबूत कांच व आधुनिक सुरक्षा मानक हैं। रात में एलईडी लाइटिंग से यह चमकदार दिखेगा।
धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व
बजरंग सेतु का नाम भगवान हनुमान (बजरंग बली) के सम्मान में रखा गया है, जो शक्ति व भक्ति का प्रतीक है। यह स्थान लक्ष्मण के वनवास काल में गंगा पार करने से जुड़ा पौराणिक कथा से पवित्र है, जो ऋषिकेश को देवभूमि के रूप में मजबूत करता है। उद्घाटन पर गंगा आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
प्रमुख लाभ व फायदे
पर्यटन वृद्धि: ग्लास ब्रिज सूर्योदय-सूर्यास्त के मनमोहक दृश्य देगा, जो एडवेंचर, योग व आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।
यातायात सुगमता: लक्ष्मण झूला की पुरानी समस्या दूर कर गंगा के दोनों तटों को जोड़ेगा, श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए सुरक्षित मार्ग बनेगा।
आर्थिक लाभ: स्थानीय व्यापार, कैफे, होमस्टे व योग केंद्रों को फायदा, राज्य की पर्यटन आय में वृद्धि होगी।
सुरक्षा व स्थायित्व: मजबूत इंजीनियरिंग से भूकंपप्रवण क्षेत्र में टिकाऊ, पैदल यात्री प्रवेश निःशुल्क शुरू होगा। यह सेतु न केवल बुनियादी ढांचे का चमत्कार है, बल्कि आस्था व आधुनिकता का संगम भी, जो उत्तराखंड को वैश्विक पटल पर चमकाएगा।











